Sunday, May 31, 2026

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छपरा के अभिनव सिंह ने फिर किया कमाल

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 01 March 2026 at 10:01 AM

सारण के लाल और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अभिनव सिंह ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की सर्वाधिक प्रतिष्ठित ‘एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड’ परीक्षा प्रथम प्रयास में ही पास कर पूरे सारण जिला का नाम रौशन किया है। एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (एओआर) भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्यता प्राप्त एक विशिष्ट वकील है जिसे सर्वोच्य न्यायालय में सीधे मामले दायर करने, याचिकाएं प्रस्तुत करने और ग्राहकों का प्रतिनिधित्व करने का विशेष अधिकार प्राप्त है। एओआर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद यह पद प्राप्त होता है जो प्रक्रियात्मक ज्ञान सुनिश्चित करता है। एओआर के बिना सुप्रीम कोर्ट में अन्य वकील पैरवी नहीं कर सकते। एओआर बनना सुप्रीम कोर्ट में वकालत के लिए एक आवश्यक और उच्च-स्तरीय मान्यता है जो भारतीय न्यायिक प्रणाली की एक अनूठी विशेषता है।अभिनव मांझी थाना के टेघरा गांव के रहने वाले हैं और पूर्व आईपीएस जय प्रकाश सिंह के सुपुत्र हैं। अभिनव शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने क्लैट, 2013 में ऑल इंडिया 5वीं रैंक लाकर बैंगलोर के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज सहित अनेक बड़े वकीलों के साथ काम करने का अनुभव भी प्राप्त है। उन्होंने वर्ष 2023-24 में लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स, लंदन से मास्टर्स डिग्री में मेरिट-सह-डिस्टिंक्शन भी हासिल किया है। उनकी कामयाबियाँ और लगातार कोशिशें सभी सारणवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा की बात है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं !

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छपरा के अभिनव सिंह ने फिर किया कमाल

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 01 March 2026 at 10:01 AM

सारण के लाल और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अभिनव सिंह ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की सर्वाधिक प्रतिष्ठित ‘एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड’ परीक्षा प्रथम प्रयास में ही पास कर पूरे सारण जिला का नाम रौशन किया है। एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (एओआर) भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्यता प्राप्त एक विशिष्ट वकील है जिसे सर्वोच्य न्यायालय में सीधे मामले दायर करने, याचिकाएं प्रस्तुत करने और ग्राहकों का प्रतिनिधित्व करने का विशेष अधिकार प्राप्त है। एओआर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद यह पद प्राप्त होता है जो प्रक्रियात्मक ज्ञान सुनिश्चित करता है। एओआर के बिना सुप्रीम कोर्ट में अन्य वकील पैरवी नहीं कर सकते। एओआर बनना सुप्रीम कोर्ट में वकालत के लिए एक आवश्यक और उच्च-स्तरीय मान्यता है जो भारतीय न्यायिक प्रणाली की एक अनूठी विशेषता है।अभिनव मांझी थाना के टेघरा गांव के रहने वाले हैं और पूर्व आईपीएस जय प्रकाश सिंह के सुपुत्र हैं। अभिनव शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने क्लैट, 2013 में ऑल इंडिया 5वीं रैंक लाकर बैंगलोर के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज सहित अनेक बड़े वकीलों के साथ काम करने का अनुभव भी प्राप्त है। उन्होंने वर्ष 2023-24 में लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स, लंदन से मास्टर्स डिग्री में मेरिट-सह-डिस्टिंक्शन भी हासिल किया है। उनकी कामयाबियाँ और लगातार कोशिशें सभी सारणवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा की बात है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं !

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