By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 22 May 2026 at 05:50 PM
- पति की बीमारी बनी इस्तीफे की वजह
- राष्ट्रपति को ओवल ऑफिस में दी जानकारी
- इस्तीफे में जताया आभार
- पति के साथ खड़े रहने की कही बात
- मिशन और राजनीतिक सफर का भी किया जिक्र
- राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय में कामकाज का भी किया उल्लेख
अमेरिका की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने अपने पति की गंभीर बीमारी को इस फैसले की मुख्य वजह बताया है। उनके इस्तीफे के बाद ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तुलसी गबार्ड के पति अब्राहम एक दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं। गबार्ड ने अपने इस्तीफे में लिखा कि आने वाले समय में उनके पति को कई बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए इस कठिन दौर में उनके साथ रहना जरूरी है।
राष्ट्रपति को ओवल ऑफिस में दी जानकारी
बताया गया कि तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में हुई बैठक के दौरान राष्ट्रपति को अपने फैसले की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय में उनका आखिरी कार्य दिवस 30 जून 2026 हो सकता है।
इस्तीफे में जताया आभार
तुलसी गबार्ड ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्हें राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए वह आभारी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे और इस दौरान उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिला।
पति के साथ खड़े रहने की कही बात
गबार्ड ने कहा कि उनकी शादी को ग्यारह साल हो चुके हैं और उनके पति हर मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब वह सार्वजनिक जीवन से कुछ दूरी बनाकर अपने पति का सहारा बनें।
मिशन और राजनीतिक सफर का भी किया जिक्र
अपने बयान में तुलसी गबार्ड ने कहा कि पूर्व सैन्य तैनाती और राजनीतिक अभियानों के दौरान भी उनके पति ने हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्यार और समर्थन हर चुनौती में उनके लिए ताकत बना।
राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय में कामकाज का भी किया उल्लेख
तुलसी गबार्ड ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यालय में पारदर्शिता बढ़ाने और ईमानदारी बहाल करने की दिशा में कई कदम उठाए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अभी कई महत्वपूर्ण काम बाकी हैं।

