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ट्विशा केस में कोर्ट के अंदर क्या हुआ? पूर्व जज गिरिबाला सिंह के आरोप से मचा हंगामा, हाथापाई की नौबत

By aryavartalive | Published: 02 June 2026 at 02:43 PM

ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस प्रकरण में नए मोड़ सामने आते जा रहे हैं। मंगलवार को भोपाल की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। आरोपी पूर्व न्यायिक अधिकारी गिरिबाला सिंह ने अदालत में खुद अपना पक्ष रखा और इस दौरान कई ऐसे आरोप लगाए जिनसे अदालत का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने बचाव में स्वयं दलीलें पेश कीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अदालत के समक्ष जांच प्रक्रिया, मीडिया कवरेज और मामले से जुड़े कई पहलुओं पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनकी बातों के दौरान अदालत कक्ष में कई बार तीखी बहस की स्थिति भी बनी।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर उठाए सवाल
गिरिबाला सिंह ने अदालत में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि जांच से जुड़े दृश्य और सीसीटीवी फुटेज बाहर कैसे पहुंचे। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे मामले में कई बातें ऐसी हैं जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आरोपी को अदालत के फैसले से पहले सार्वजनिक रूप से दोषी ठहराना उचित नहीं है।

वकील पर लगाया गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने उनके बेटे समर्थ के साथ दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने अदालत में दावा किया कि जबलपुर में उनके बेटे के साथ मारपीट की घटना हुई थी।

हालांकि इस आरोप के सामने आते ही अदालत कक्ष का माहौल अचानक गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

अदालत कक्ष में बढ़ा तनाव
गिरिबाला सिंह के आरोपों पर ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोपों के समर्थन में शिकायत या दस्तावेज पेश करने की मांग की। इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस और तेज हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ समय के लिए स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अदालत कक्ष में हाथापाई जैसी नौबत बन गई। हालांकि न्यायालय की मौजूदगी में मामला आगे नहीं बढ़ा और सुनवाई जारी रही।

समर्थ को लेकर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान समर्थ की गिरफ्तारी और उसके कथित तौर पर कुछ समय तक फरार रहने का मुद्दा भी उठा। ट्विशा पक्ष की ओर से सवाल किया गया कि जिस व्यक्ति पर इनाम घोषित था, उसे कुछ स्थानों पर संरक्षण कैसे मिला। इस पूरे पहलू की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई।

दूसरी ओर बचाव पक्ष का कहना था कि कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है और उसी आधार पर कदम उठाए गए थे।

मीडिया ट्रायल पर जताई नाराजगी
गिरिबाला सिंह ने अदालत में मीडिया कवरेज को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जहां भी वे जा रही हैं, वहां मीडिया की मौजूदगी बनी रहती है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक अनावश्यक मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने पर विचार किया जाए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं तथा लगातार सार्वजनिक चर्चा उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।

जांच एजेंसी ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि फिलहाल न्यायिक हिरासत की मांग की जा रही है। एजेंसी की ओर से कहा गया कि यदि आगे जांच में आवश्यकता महसूस हुई तो पुलिस हिरासत की मांग भी की जा सकती है।

इस बयान से संकेत मिला कि मामले की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। जांच के दौरान पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह दोनों जांच एजेंसी के रडार पर आए। समर्थ की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे हुए, जबकि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

अब उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने पर अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। पूरे मामले पर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर की नजर बनी हुई है।

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ट्विशा केस में कोर्ट के अंदर क्या हुआ? पूर्व जज गिरिबाला सिंह के आरोप से मचा हंगामा, हाथापाई की नौबत

By aryavartalive | Published: 02 June 2026 at 02:43 PM

ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस प्रकरण में नए मोड़ सामने आते जा रहे हैं। मंगलवार को भोपाल की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। आरोपी पूर्व न्यायिक अधिकारी गिरिबाला सिंह ने अदालत में खुद अपना पक्ष रखा और इस दौरान कई ऐसे आरोप लगाए जिनसे अदालत का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने बचाव में स्वयं दलीलें पेश कीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अदालत के समक्ष जांच प्रक्रिया, मीडिया कवरेज और मामले से जुड़े कई पहलुओं पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनकी बातों के दौरान अदालत कक्ष में कई बार तीखी बहस की स्थिति भी बनी।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर उठाए सवाल
गिरिबाला सिंह ने अदालत में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि जांच से जुड़े दृश्य और सीसीटीवी फुटेज बाहर कैसे पहुंचे। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे मामले में कई बातें ऐसी हैं जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आरोपी को अदालत के फैसले से पहले सार्वजनिक रूप से दोषी ठहराना उचित नहीं है।

वकील पर लगाया गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने उनके बेटे समर्थ के साथ दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने अदालत में दावा किया कि जबलपुर में उनके बेटे के साथ मारपीट की घटना हुई थी।

हालांकि इस आरोप के सामने आते ही अदालत कक्ष का माहौल अचानक गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

अदालत कक्ष में बढ़ा तनाव
गिरिबाला सिंह के आरोपों पर ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोपों के समर्थन में शिकायत या दस्तावेज पेश करने की मांग की। इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस और तेज हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ समय के लिए स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अदालत कक्ष में हाथापाई जैसी नौबत बन गई। हालांकि न्यायालय की मौजूदगी में मामला आगे नहीं बढ़ा और सुनवाई जारी रही।

समर्थ को लेकर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान समर्थ की गिरफ्तारी और उसके कथित तौर पर कुछ समय तक फरार रहने का मुद्दा भी उठा। ट्विशा पक्ष की ओर से सवाल किया गया कि जिस व्यक्ति पर इनाम घोषित था, उसे कुछ स्थानों पर संरक्षण कैसे मिला। इस पूरे पहलू की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई।

दूसरी ओर बचाव पक्ष का कहना था कि कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है और उसी आधार पर कदम उठाए गए थे।

मीडिया ट्रायल पर जताई नाराजगी
गिरिबाला सिंह ने अदालत में मीडिया कवरेज को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जहां भी वे जा रही हैं, वहां मीडिया की मौजूदगी बनी रहती है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक अनावश्यक मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने पर विचार किया जाए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं तथा लगातार सार्वजनिक चर्चा उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।

जांच एजेंसी ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि फिलहाल न्यायिक हिरासत की मांग की जा रही है। एजेंसी की ओर से कहा गया कि यदि आगे जांच में आवश्यकता महसूस हुई तो पुलिस हिरासत की मांग भी की जा सकती है।

इस बयान से संकेत मिला कि मामले की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। जांच के दौरान पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह दोनों जांच एजेंसी के रडार पर आए। समर्थ की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे हुए, जबकि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

अब उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने पर अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। पूरे मामले पर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर की नजर बनी हुई है।

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