Monday, June 29, 2026

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बिहार में शॉर्ट सर्किट से आग का खतरा! 2.20 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए शुरू हुआ बड़ा सुरक्षा अभियान

By Malay Ojha | Published: 29 June 2026 at 05:40 PM

बिहार में बढ़ती विद्युत खपत और शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं को देखते हुए राज्यभर में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। सोमवार से राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह-2026 की शुरुआत हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित बिजली उपयोग के प्रति जागरूक करना और आग की दुर्घटनाओं को रोकना है। इस दौरान बिजली विभाग ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों से सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।

ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार के ऊर्जा क्षेत्र ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी प्रगति की है। आज राज्य में करीब 2 करोड़ 20 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और बिजली की अधिकतम मांग 9 हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े बिजली नेटवर्क को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और लाइनमैन को तय सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

लापरवाही से हो सकती हैं बड़ी दुर्घटनाएं
अजय यादव ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। बिजली से जुड़े काम शुरू करने से पहले शटडाउन लेना, बिजली लाइन को अलग करना, उचित अर्थिंग करना और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कर्मचारियों को दिया गया सख्त संदेश
उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि बिजली क्षेत्र में काम करने वाले हर कर्मचारी की पहली जिम्मेदारी सुरक्षा नियमों का पालन करना है। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करके ही दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।

सुरक्षित बिजली व्यवस्था ही सबसे बड़ी प्राथमिकता
बिहार राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि हर काम से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। सतर्कता और तय मानकों का पालन ही सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था की असली नींव है।

आम लोगों को भी रहना होगा सतर्क
दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल ने कहा कि केवल बिजली विभाग ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

आधुनिक तकनीक से बचेंगी आग की घटनाएं
बिहार राज्य पावर जेनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने कहा कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र ने तकनीकी और परिचालन स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन इन उपलब्धियों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

विशेषज्ञों ने बताए बचाव के तरीके
कार्यक्रम में मुख्य विद्युत निरीक्षक अरविंद कुमार समेत कई विशेषज्ञों ने शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं, सुरक्षित बिजली उपयोग, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि घरों और दफ्तरों में खराब वायरिंग, ओवरलोड और लापरवाही के कारण शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं। थोड़ी सावधानी बरतकर बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

राज्यभर में लिया गया सुरक्षा का संकल्प
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि राज्य के विभिन्न जिलों से अधिकारी और कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस मौके पर सभी ने बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने का संकल्प लिया।

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बिहार में शॉर्ट सर्किट से आग का खतरा! 2.20 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए शुरू हुआ बड़ा सुरक्षा अभियान

By Malay Ojha | Published: 29 June 2026 at 05:40 PM

बिहार में बढ़ती विद्युत खपत और शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं को देखते हुए राज्यभर में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। सोमवार से राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह-2026 की शुरुआत हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित बिजली उपयोग के प्रति जागरूक करना और आग की दुर्घटनाओं को रोकना है। इस दौरान बिजली विभाग ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों से सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।

ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार के ऊर्जा क्षेत्र ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी प्रगति की है। आज राज्य में करीब 2 करोड़ 20 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और बिजली की अधिकतम मांग 9 हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े बिजली नेटवर्क को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और लाइनमैन को तय सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

लापरवाही से हो सकती हैं बड़ी दुर्घटनाएं
अजय यादव ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। बिजली से जुड़े काम शुरू करने से पहले शटडाउन लेना, बिजली लाइन को अलग करना, उचित अर्थिंग करना और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कर्मचारियों को दिया गया सख्त संदेश
उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि बिजली क्षेत्र में काम करने वाले हर कर्मचारी की पहली जिम्मेदारी सुरक्षा नियमों का पालन करना है। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करके ही दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।

सुरक्षित बिजली व्यवस्था ही सबसे बड़ी प्राथमिकता
बिहार राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि हर काम से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। सतर्कता और तय मानकों का पालन ही सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था की असली नींव है।

आम लोगों को भी रहना होगा सतर्क
दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल ने कहा कि केवल बिजली विभाग ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

आधुनिक तकनीक से बचेंगी आग की घटनाएं
बिहार राज्य पावर जेनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने कहा कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र ने तकनीकी और परिचालन स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन इन उपलब्धियों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

विशेषज्ञों ने बताए बचाव के तरीके
कार्यक्रम में मुख्य विद्युत निरीक्षक अरविंद कुमार समेत कई विशेषज्ञों ने शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं, सुरक्षित बिजली उपयोग, आधुनिक सुरक्षा तकनीकों, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि घरों और दफ्तरों में खराब वायरिंग, ओवरलोड और लापरवाही के कारण शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं। थोड़ी सावधानी बरतकर बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

राज्यभर में लिया गया सुरक्षा का संकल्प
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि राज्य के विभिन्न जिलों से अधिकारी और कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस मौके पर सभी ने बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने का संकल्प लिया।

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