Tuesday, June 30, 2026

National

spot_img

भरत तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग ठुकराई, हाई कोर्ट जाने को कहा

By Malay Ojha | Published: 30 June 2026 at 12:29 PM

भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई। सर्वोच्च अदालत ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले संबंधित हाई कोर्ट जाने की सलाह दी। इसके साथ ही फिलहाल सीबीआई जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश पारित नहीं किया।

जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की वेकेशन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाना चाहिए। अदालत ने इसी आधार पर याचिकाकर्ता को उचित कानूनी मंच पर जाने की सलाह देते हुए याचिका पर आगे कोई राहत नहीं दी।

सीबीआई जांच की मांग क्यों उठी थी?
यह जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस की कार्रवाई कानून के दायरे से बाहर थी, इसलिए निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने आना मुश्किल होगा।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की भी मांग
याचिका में केवल सीबीआई जांच ही नहीं, बल्कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच ही लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रख सकती है।

रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की भी मांग
याचिका में यह भी आग्रह किया गया था कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में कराई जाए। दलील दी गई कि इससे जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर किसी तरह का सवाल नहीं उठेगा।

याचिकाकर्ता ने अदालत में क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विशाल तिवारी ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में कथित फर्जी एनकाउंटर से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं और उनसे संबंधित कई याचिकाएं पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में भरत भूषण तिवारी मामले की भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है ताकि कानून का शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।

अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद अब याचिकाकर्ता के पास संबंधित हाई कोर्ट जाने का रास्ता खुला है। यदि हाई कोर्ट में याचिका दायर होती है तो वहां इस मामले की जांच, पुलिस कार्रवाई और अन्य कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई हो सकती है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सीबीआई जांच की मांग को तत्काल मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

भरत तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग ठुकराई, हाई कोर्ट जाने को कहा

By Malay Ojha | Published: 30 June 2026 at 12:29 PM

भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई। सर्वोच्च अदालत ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले संबंधित हाई कोर्ट जाने की सलाह दी। इसके साथ ही फिलहाल सीबीआई जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश पारित नहीं किया।

जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की वेकेशन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाना चाहिए। अदालत ने इसी आधार पर याचिकाकर्ता को उचित कानूनी मंच पर जाने की सलाह देते हुए याचिका पर आगे कोई राहत नहीं दी।

सीबीआई जांच की मांग क्यों उठी थी?
यह जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस की कार्रवाई कानून के दायरे से बाहर थी, इसलिए निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने आना मुश्किल होगा।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की भी मांग
याचिका में केवल सीबीआई जांच ही नहीं, बल्कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच ही लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रख सकती है।

रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की भी मांग
याचिका में यह भी आग्रह किया गया था कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में कराई जाए। दलील दी गई कि इससे जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर किसी तरह का सवाल नहीं उठेगा।

याचिकाकर्ता ने अदालत में क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विशाल तिवारी ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में कथित फर्जी एनकाउंटर से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं और उनसे संबंधित कई याचिकाएं पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में भरत भूषण तिवारी मामले की भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है ताकि कानून का शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।

अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद अब याचिकाकर्ता के पास संबंधित हाई कोर्ट जाने का रास्ता खुला है। यदि हाई कोर्ट में याचिका दायर होती है तो वहां इस मामले की जांच, पुलिस कार्रवाई और अन्य कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई हो सकती है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सीबीआई जांच की मांग को तत्काल मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES