By Malay Ojha | Published: 30 June 2026 at 05:56 PM
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया निरीक्षण के बाद राजधानी के ऐतिहासिक मिलर हाई स्कूल के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। ऊर्जा विभाग ने परियोजना पर तेजी से काम शुरू करते हुए मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ स्कूल परिसर का विस्तृत तकनीकी सर्वे कराया। इस दौरान भवनों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य में किए जाने वाले विकास कार्यों का बारीकी से आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में ऊर्जा विभाग ने मिलर हाई स्कूल के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा तथा बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने विद्यालय परिसर का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ पूरे परिसर का सर्वे कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
भवनों और सुविधाओं का हुआ विस्तृत तकनीकी आकलन
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के पुराने भवनों, कक्षाओं, अन्य संरचनाओं और आधारभूत सुविधाओं की विस्तार से जांच की गई। तकनीकी टीम ने यह भी देखा कि किन भवनों को सुरक्षित रखते हुए मजबूत बनाया जा सकता है और किन हिस्सों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। इसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए होगा विकास
अधिकारियों ने साफ किया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल नए निर्माण करना नहीं है, बल्कि विद्यालय की ऐतिहासिक पहचान और विरासत को भी पूरी तरह सुरक्षित रखना है। जीर्णोद्धार के दौरान पुराने भवनों की विशेषता को बरकरार रखते हुए उन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि छात्र बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकें।
ऊर्जा विभाग की निगरानी में आगे बढ़ रही परियोजना
पूरे निरीक्षण और तकनीकी सर्वे का काम ऊर्जा सचिव अजय यादव की निगरानी में पूरा किया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
गुणवत्ता और समय सीमा पर रहेगा विशेष ध्यान
ऊर्जा विभाग का कहना है कि परियोजना के हर चरण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण और जीर्णोद्धार से जुड़े सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराए जाएंगे ताकि भविष्य में विद्यालय को लंबे समय तक बेहतर सुविधाएं मिल सकें। विभाग का लक्ष्य है कि काम समय पर पूरा हो और छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।
शिक्षा विभाग और नगर निगम भी बने साझेदार
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की प्राचार्या किरण कुमारी, शिक्षा विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर परियोजना को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी से काम में तेजी आएगी और किसी तरह की प्रशासनिक बाधा नहीं होगी।
शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में है मिलर हाई स्कूल
मिलर हाई स्कूल राजधानी के पुराने और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में गिना जाता है। वर्षों पुराने इस विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। समय के साथ भवनों और अन्य सुविधाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विद्यालय के व्यापक आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है।
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