By Malay Ojha | Published: 09 July 2026 at 05:11 PM
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। करीब 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकियों के ठिकानों पर हुए हमलों की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई रोकने वाला नहीं है और देश लगातार आगे बढ़ने की नीति पर काम कर रहा है।
PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की ताकत देखी। उन्होंने कहा कि धमाके आतंकियों के ठिकानों पर हो रहे थे, लेकिन उनकी गूंज पूरी दुनिया तक पहुंची। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद भारतीयों से पूछा कि इस कार्रवाई पर उन्हें गर्व हुआ या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लेकर चल रहा है।
भारतीयों की पहचान प्रेम और संस्कार से
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय वहां के समाज में ऐसे घुल-मिल जाते हैं जैसे दूध में चीनी घुल जाती है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि घर में दूध भले ऑस्ट्रेलिया का आता हो, लेकिन चाय भारतीय ही बनती है। उनका यह बयान सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया।
युवाओं और भारतीय संस्कृति का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में PM मोदी ने कहा कि आज युवाओं के बीच भक्ति और आध्यात्म से जुड़े कार्यक्रमों का नया चलन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में कहीं भगवान सत्यनारायण की कथा होती है, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चे भांगड़ा करते हैं तो कहीं भरतनाट्यम की प्रस्तुति होती है। कई जगह क्रिकेट प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हुए हैं।
दुनिया में मदद के लिए हमेशा आगे रहता है भारत
PM मोदी ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद भारतीय राहत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत जब भी किसी संकटग्रस्त देश की मदद करता है तो लोगों का पासपोर्ट नहीं देखता। उन्होंने कहा कि तुर्किये और सीरिया में आए भूकंप के समय भी भारत ने बिना किसी भेदभाव के राहत सामग्री और बचाव दल भेजे थे। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया भारत पर भरोसा करती है।
शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ रही दोनों देशों की साझेदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, कौशल और नए विचारों के क्षेत्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं अब ऑस्ट्रेलिया के कई विश्वविद्यालय भी भारत में अपने परिसर शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और दुनिया को कुशल प्रतिभाएं तैयार होंगी।
तीसरे ऑस्ट्रेलिया दौरे का भी किया जिक्र
PM मोदी ने अपने वर्ष 2014 के पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए कहा कि उससे पहले लगभग 28 वर्षों तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां नहीं गया था। उस समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि अगली यात्रा के लिए लोगों को फिर इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है, जो इस बात का प्रमाण है कि दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं।
भारतीय समुदाय बना दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग का मजबूत पुल बन चुका है। व्यापार, शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में भारतीय अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।
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