By Malay Ojha | Published: 14 July 2026 at 05:19 PM
आज के समय में केवल पढ़ाई या डिग्री ही सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि सही समय पर सही आर्थिक फैसला लेने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी हो गई है। डिजिटल भुगतान, आसान कर्ज, ‘अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें’ जैसी योजनाओं और बढ़ते ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बीच युवाओं की इसी समझ को परखने के लिए क्लाइथ ने नेशनल फिनस्ट्रैटेजी बेंचमार्क चैलेंज (एनएफबीसी ’26) शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी का दावा है कि यह देश की अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसमें वास्तविक जीवन जैसी आर्थिक परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता का आकलन किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसी विशेष विषय की पढ़ाई जरूरी नहीं रखी गई है। पंद्रह वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी भारतीय इसमें हिस्सा ले सकता है। चाहे वह विज्ञान का छात्र हो, कला, इंजीनियरिंग, कानून, डिजाइन या किसी अन्य क्षेत्र से जुड़ा हो, सभी के लिए इसमें समान अवसर उपलब्ध होंगे। आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल वित्त पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नहीं, बल्कि हर उस युवा को अवसर देना है, जिसे रोजमर्रा के आर्थिक फैसलों की समझ विकसित करनी है।
दो चरणों में होगी पूरी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता को दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में प्रतिभागियों को तीस मिनट के भीतर बीस व्यावहारिक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े सवालों का समाधान करना होगा। इन सवालों में छिपे शुल्क, आसान किस्तों वाली योजनाएं, किराया तय करने की स्थिति, अचानक आने वाली आर्थिक परेशानी, खर्च का संतुलन, निवेश और जोखिम जैसे विषय शामिल रहेंगे।
दूसरे चरण में होगा असली परीक्षण
पहले चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को दूसरे दौर के लिए चुना जाएगा। इस चरण में उन्हें वास्तविक समय की परिस्थितियों पर आधारित वित्तीय सिमुलेशन का सामना करना होगा। यानी प्रतिभागियों को ऐसी परिस्थितियों में फैसले लेने होंगे, जैसी चुनौतियां आम लोग अपने दैनिक जीवन में झेलते हैं। इसी आधार पर उनकी निर्णय क्षमता और वित्तीय समझ का मूल्यांकन किया जाएगा।
40 हजार रुपये से अधिक के पुरस्कार
प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों के लिए नकद पुरस्कार भी रखे गए हैं। विजेता को लगभग बीस हजार रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को करीब चौदह हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को लगभग छह हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा दूसरे चरण तक पहुंचने वाले सभी प्रतिभागियों को मेरिट प्रमाणपत्र मिलेगा, जबकि पहले चरण को पूरा करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
भाग लेने के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क
इस प्रतियोगिता की एक खास बात यह भी है कि इसमें शामिल होने के लिए किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी एक अगस्त दो हजार छब्बीस तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पहला चरण दो अगस्त और दूसरा चरण नौ अगस्त को पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा, जिससे देश के किसी भी हिस्से से प्रतिभागी आसानी से इसमें शामिल हो सकेंगे।
क्यों शुरू की गई यह पहल
आयोजकों का मानना है कि बदलती आर्थिक व्यवस्था में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं रह गई है। आज लोगों को डिजिटल भुगतान, कर्ज, निवेश, महंगाई और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सही आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता जीवन का महत्वपूर्ण कौशल बन चुकी है। इसी सोच के साथ इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है, ताकि युवा किताबों की जानकारी से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों में आर्थिक फैसले लेने का अभ्यास कर सकें।
बढ़ रही है वित्तीय जागरूकता की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही आसान ऋण, क्रेडिट आधारित सेवाओं और ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे माहौल में युवाओं के लिए वित्तीय साक्षरता पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है। यही कारण है कि अब स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को भी भविष्य के महत्वपूर्ण कौशल के रूप में देखा जा रहा है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

