By Malay Ojha | Published: 14 July 2026 at 09:50 PM
इथेनॉल नीति को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बयान पर सोशल मीडिया में वीडियो और पोस्ट साझा करना चार कंटेंट क्रिएटर्स को भारी पड़ गया है। नागपुर के सदर थाना पुलिस ने यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने मंत्री के बयान को कथित तौर पर गलत संदर्भ में पेश करते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित की, जिससे लोगों के बीच भ्रम फैलने की आशंका पैदा हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया पदाधिकारी शिशिर अरुण भिवापुरे की शिकायत पर की गई। शिकायत में कहा गया है कि तीन जुलाई को नितिन गडकरी ने इथेनॉल और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को लेकर एक कार्यक्रम में अपना पक्ष रखा था। इसके बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर उनके बयान के कुछ हिस्सों को कथित रूप से काट-छांटकर ऐसे वीडियो तैयार किए गए, जिनसे वास्तविक बात बदल गई और लोगों तक गलत संदेश पहुंचा।
किन-किन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ
पुलिस ने इस मामले में यूट्यूबर मनीष कश्यप, ‘देसी बॉयज’ नाम से संचालित एक इंस्टाग्राम पेज, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षित राठी और अंकलेश इनवाटे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में इन सभी के सोशल मीडिया अकाउंट और संबंधित वीडियो का उल्लेख किया गया है, जिनकी अब तकनीकी जांच कराई जाएगी।
मनीष कश्यप पर क्या आरोप है
शिकायत के मुताबिक मनीष कश्यप ने अपने यूट्यूब चैनल पर इथेनॉल नीति से जुड़े कई वीडियो अपलोड किए। आरोप है कि इन वीडियो में नितिन गडकरी के बयान को वास्तविक संदर्भ से अलग तरीके से पेश किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे लोगों के बीच गलत धारणा बनने की संभावना पैदा हुई।
दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी आरोप
एफआईआर में कहा गया है कि ‘देसी बॉयज’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी इथेनॉल नीति को लेकर ऐसे वीडियो साझा किए गए जिनमें कथित रूप से भ्रामक दावे किए गए। साथ ही केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।
इसी तरह हर्षित राठी पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नितिन गडकरी की तस्वीर के साथ ऐसा पोस्ट साझा किया, जिसमें इथेनॉल नीति को लेकर कथित तौर पर भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। वहीं अंकलेश इनवाटे के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इसी विषय से जुड़े वीडियो साझा किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
पुलिस अब डिजिटल जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। संबंधित अकाउंट्स की गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्ट किए गए कंटेंट में तथ्यों को किस तरह प्रस्तुत किया गया था।
शिकायतकर्ता ने क्या कहा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन वीडियो और पोस्ट के जरिए इथेनॉल नीति से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री से आम लोगों के बीच भ्रम फैल सकता है और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नागपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मामला जांच के चरण में है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी किसी भी आरोपी की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

