By Malay Ojha | Published: 19 October 2026 at 09:22 AM
पूर्व सांसद आनंद मोहन दुर्गा पूजा के अवसर पर शिवहर पहुंचे। यहां उन्होंने शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में जाकर मां दुर्गा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ी और पंडाल जय माता दी के जयकारों से गूंज उठे।
राजनीति से दूरी बनाकर मां के उत्सव में पहुंचे आनंद मोहन
शिवहर में पूजा पंडालों के दौरे के दौरान आनंद मोहन ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर पूछे गए सवालों पर अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह इन सबसे बिल्कुल अलग चल रहे हैं। वहीं, जदयू के अंदरूनी विवाद पर उन्होंने साफ कहा कि यह जदयू के लोग ही जानें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज राजनीति की बात करने नहीं, बल्कि मां भगवती के उत्सव में शामिल होने आए हैं।
नीरज कुमार और अनंत सिंह के सवाल पर भी रखी दूरी
स्नातक चुनाव के साथ नीरज कुमार और अनंत सिंह का जिक्र होने पर भी आनंद मोहन ने राजनीतिक मामलों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने किसी विवाद में पड़ने के बजाय पूजा और मां भगवती के उत्सव को प्राथमिकता दी। इस मौके पर लोजपा के जिला अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय, बजरंगी सिंह समेत सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
समर्थकों की भीड़, पंडालों में गूंजे जयकारे
आनंद मोहन के पहुंचने पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही और माहौल भक्तिमय बना रहा। ‘जय माता दी’ के जयकारों के बीच उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन किए और लोगों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आनंद मोहन ने बताया दुर्गा पूजा का महत्व
दुर्गा पूजा के महत्व पर चर्चा करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि यह पर्व सत्य की जीत और अन्याय के अंत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों से पूरे देश में यह त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। बिहार और बंगाल में दुर्गा पूजा की विशेष धूम देखने को मिलती है।
महिषासुर के अत्याचार और नारी शक्ति का किया जिक्र
आनंद मोहन ने मां दुर्गा और महिषासुर के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अत्याचार चरम पर था और उसका विरोध करने का साहस किसी में नहीं बचा था, तब मां भगवती ने रौद्र रूप धारण कर अन्याय का अंत किया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की विजय न्याय की स्थापना और सत्य की जीत का प्रतीक है। यह परंपरा देश की सांस्कृतिक विरासत और नारी शक्ति के सम्मान का संदेश देती है।
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