By Malay Ojha | Published: 20 October 2026 at 02:20 PM
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज अनधिकृत प्रवेश के मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दोनों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए कहा कि भावुकता को कमजोरी समझना गलत है। प्रेम और करुणा ही उनकी ताकत हैं और वे किसी भी हाल में अहिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे।
अभिजीत दिपके ने कहा कि सौरव और आशु को परेशान किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वे मुस्कुराते हुए जेल जा रहे हैं और कोर्ट में पेश हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि किसी भी तरह का दबाव उनके भीतर नफरत पैदा नहीं कर सकता।
‘हमें डराकर चुप नहीं करा पाएंगे’
अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका मकसद उन लोगों के सामने झुकना नहीं है, जो उन्हें डराकर चुप कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जिस दिन हमारे भीतर प्रेम कम हो गया, उसी दिन उन लोगों की जीत हो जाएगी, जो हमें डराकर चुप कराना चाहते हैं।”
उन्होंने महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने की बात कहते हुए कहा कि सौरव और आशु जब बाहर आएंगे, तो उसी मुस्कान के साथ सामने आएंगे। उनके मुताबिक, मुश्किल हालात में भी प्रेम और करुणा बनाए रखना जरूरी है।
त्योहारों पर परिवार के साथ रहें, सौरव-आशु को भी याद करें
अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से आने वाले त्योहार परिवार के साथ मनाने और अपनों का ध्यान रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष को भी याद रखा जाए, क्योंकि इस बार वे त्योहारों पर अपने परिवार के साथ नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि सभी लोग त्योहार अच्छे से मनाएं, लेकिन उन दोनों की स्थिति को भी न भूलें। दीपके ने यह भी बताया कि वह सौरव और आशु को काफी याद कर रहे हैं। तीनों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जहां वे एक-दूसरे को मीम्स भेजा करते थे।
‘उकसाने की कोशिश हो सकती है, लेकिन हम गलत कदम नहीं उठाएंगे’
दीपके ने कहा कि सौरव और आशुतोष के साथ जो हो रहा है, उससे उन्हें भी परेशानी हो रही है। हालांकि, उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों से हम नाराज हैं, हमें उनके जैसा नहीं बनना है।
उनके मुताबिक, दबाव बनाने का मकसद लोगों को उकसाना और उनसे कोई गलत कदम करवाना हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि वे अहिंसा और प्रेम के रास्ते पर बने रहें।
दिल्ली पुलिस ने क्राइम ब्रांच को सौंपा मामला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले को अपनी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया।
इस मामले में कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223A, 332 और 61(2) के तहत FIR दर्ज की गई थी। ये धाराएं लोक सेवक के विधिवत लागू आदेश की अवहेलना, अपराध करने के उद्देश्य से अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं।
संसद मार्ग थाने में भी दर्ज है FIR
इस मामले से संबंधित एक अन्य FIR संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई थी। इसमें BNS की धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) लगाई गई थीं।
ये धाराएं लोक सेवक के काम में बाधा डालने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और समान मंशा से जुड़े आरोपों से संबंधित हैं। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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