By Malay Ojha | Published: 20 October 2026 at 02:35 PM
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा है। मंगलवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह सामान्य केस नहीं है। अखिलेश ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यह मामला सरकार को ले डूबेगा।
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में हो रही देरी के बीच अखिलेश यादव ने मामले की तुलना कानपुर के बिकरू कांड से भी की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय भी गाड़ी नहीं पलटी थी, बल्कि सरकार को पलटने से बचाया गया था। उन्होंने मौजूदा मामले को भी उसी तरह का बताते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की जरूरत पर जोर दिया।
श्रद्धा दुबे केस में अखिलेश ने क्यों उठाए सवाल?
अखिलेश यादव ने इस मामले में सामने आ रही अलग-अलग चर्चाओं और श्रद्धा दुबे के कथित रसूखदारों से संपर्क को लेकर उठ रहे सवालों की ओर भी इशारा किया। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि श्रद्धा के संबंध कुछ नामचीन लोगों से हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे ने वीडियो जारी कर लोगों से उसका नाम रसूखदारों से नहीं जोड़ने की अपील की थी। इससे पहले कारोबारी शिवा शर्मा को धमकाने से जुड़ा उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह शिवा की शिकायत किसी ‘सर’ से करने की बात कहती सुनाई दे रही थी।
मीडिया पर भी अखिलेश यादव ने साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने न्यूज एजेंसी एएनआई के एक रिपोर्टर से श्रद्धा दुबे का इंटरव्यू लेने के बारे में भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर को इस मामले की पूरी जानकारी है।
अखिलेश ने मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग चैनल इस मामले में बंटे हुए नजर आ रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ चैनल श्रद्धा दुबे के पक्ष में हैं, जबकि कुछ उसके खिलाफ हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी मांग है कि मामले में न्याय होना चाहिए।
11 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर श्रद्धा
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। पुलिस की तलाश के बीच श्रद्धा लगातार वीडियो जारी कर रही है। रविवार को उसने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू भी दिया था। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल और तेज हो गए।
मामले में हुई किरकिरी के बाद पुलिस विभाग ने तीन अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों से हटा दिया। इनमें हजरतगंज थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, डीसीपी विक्रांत वीर और एसीपी रजनीश वर्मा शामिल हैं। विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया, जबकि डीसीपी विक्रांत वीर को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। वहीं, एसीपी रजनीश वर्मा को हजरतगंज से हटाकर एसीपी क्राइम बनाया गया।
9 अक्टूबर को फ्लैट से गिरकर हुई थी कारोबारी की मौत
कारोबारी शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को मॉडल श्रद्धा दुबे के फ्लैट से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और दो अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके बेटे को ऊपर से धक्का देकर उसकी हत्या की गई।
इस मामले में पुलिस ने श्रद्धा दुबे पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हालांकि, अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की तलाश, श्रद्धा के लगातार सामने आ रहे वीडियो और अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बीच यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

