By Malay Ojha | Published: 24 October 2026 at 05:43 PM
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता है और इसी वजह से कश्मीरी बचे हुए हैं। उन्होंने भारत की मंशा पर भी सवाल उठाए।
पाकिस्तान को लेकर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?
फारूक अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि कश्मीरियों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उनके मुताबिक, जब तक लोग एक साथ खड़े नहीं होंगे, तब तक अपने हक हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने लोगों से सच बोलने और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ने की अपील भी की।
एकजुटता और अधिकारों पर दिया जोर
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने युवाओं के बीच इतिहास की जानकारी कम होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर का राजनीतिक इतिहास क्या रहा है और यहां के लोग मौजूदा स्थिति तक कैसे पहुंचे। उन्होंने माता-पिता से भी बच्चों को क्षेत्र के इतिहास से परिचित कराने की अपील की।
युवाओं और राजनीतिक दलों पर भी टिप्पणी
फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग राजनीतिक दलों के गठन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पार्टियां खड़ी की गई हैं और कुछ लोग पैसे के लिए अपना ईमान बेचने को तैयार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना चाहिए।
बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र कर BJP पर निशाना
अपने संबोधन में फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दूसरे राज्यों में लोगों के घरों और दुकानों पर बुलडोजर चलाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या लोगों को ऐसी घटनाओं की जानकारी नहीं है। उनके आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए।
अनुच्छेद 370 और राज्य के दर्जे की बहाली की मांग
फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की विशेष पहचान का मुद्दा उठाते हुए अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने अधिकारों की मांग करना देश के खिलाफ होना नहीं है।
केंद्र सरकार से किए गए वादे पर भी सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन और चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन उनकी नजर में यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए मिलकर आवाज उठाने की अपील की।
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