By Malay Ojha | Published: 01 November 2026 at 03:41 PM
वाराणसी। लंका क्षेत्र में सिपाही अमित शुक्ला पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए गैंग के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने शिवाजी नगर कॉलोनी में चल रही एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ किया। मौके से देसी पिस्तौल, बड़ी संख्या में कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
दो और गिरफ्तारी के बाद सामने आया हथियारों का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले तीन बदमाश मुठभेड़ के दौरान पकड़े जा चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा भी पुलिस की गिरफ्त में है। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने गैंग के दो अन्य सदस्यों अमन मिश्रा (22) और विमल कांत झा (55) को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद हथियार बनाने और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई।
शिवाजी नगर कॉलोनी में चल रही थी अवैध असलहा फैक्ट्री
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिवाजी नगर कॉलोनी स्थित उस ठिकाने का पता लगाया, जहां अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। वहां से तीन देसी पिस्तौल, 143 कारतूस, 19 बैरल के अलावा ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले 61 प्रकार के औजार बरामद किए गए।
शहर और आसपास हथियार सप्लाई की आशंका
जांच में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस फैक्ट्री में बने हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जा रहे थे और इसका नेटवर्क कहां तक फैला था। पुलिस का मानना है कि समय रहते फैक्ट्री का खुलासा होने से शहर और आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की सप्लाई पर बड़ी चोट लगी है।
सिपाही अमित शुक्ला पर हुई थी फायरिंग
पूरे मामले की शुरुआत लंका थाना क्षेत्र में आरक्षी अमित शुक्ला पर हुई फायरिंग से हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में अभियान चलाया। लगातार कार्रवाई के दौरान एक के बाद एक आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को सफलता मिली।
थाना स्तर की टीम ने तेजी से आगे बढ़ाई जांच
लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच और आरोपियों की तलाश तेज की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर गैंग के सदस्यों और हथियार बनाने वाले ठिकाने तक पहुंचने में मदद मिली।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला अभियान
इस ऑपरेशन पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल समेत वरिष्ठ अधिकारियों की नजर रही। डीसीपी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया। अधिकारियों के निर्देश पर मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस आयुक्त ने टीम को दिया एक लाख रुपये का पुरस्कार
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के काम की सराहना करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अवैध हथियार बनाने और उनकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बरामद हथियारों की जांच जारी
पुलिस अब बरामद हथियारों और उपकरणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री से पहले कितने हथियार बनाए गए और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया गया। मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और नेटवर्क की जांच जारी है।
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