By Malay Ojha | Published: 26 October 2026 at 03:28 PM
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के जरिए वोट फिक्सिंग की तैयारी की जा रही है। अखिलेश ने मांग की कि वोटर आईडी को आधार से जोड़ने और बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था करने पर विचार किया जाए, ताकि फर्जी और दोहरी वोटिंग की आशंका दूर हो सके।
SIR को लेकर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
लखनऊ में सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी को मतदाता सूची से जुड़ी जो जानकारियां मिल रही हैं, उनमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, एक ही नाम की एंट्री अलग-अलग जिलों की मतदाता सूचियों में होने की जानकारी मिली है। उन्होंने दावा किया कि महज दो नामों के आधार पर 2,441 एंट्री सामने आई हैं। हालांकि, इन एंट्री की प्रकृति और उनके सत्यापन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
वोटर लिस्ट में डबल एंट्री पर जताई चिंता
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे और किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह दर्ज होने जैसी गड़बड़ियों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सकता है। इसके लिए सूची की जांच और जरूरी सुधार समय रहते किए जाने चाहिए।
बीजेपी पर वोट चोरी की तैयारी का आरोप
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी पर वोट चोरी की तैयारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि बीजेपी ने साजिश के तहत चुनाव नहीं होने दिया। अखिलेश के मुताबिक, ग्राम प्रधानों को अपने गांव के मतदाताओं की जानकारी होती है। ऐसे में पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।
आधार से लिंक हो वोटर आईडी, बूथ पर हो बायोमेट्रिक जांच
अखिलेश यादव ने मांग की कि मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की व्यवस्था पर काम किया जाए। साथ ही मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान के उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही। उनका तर्क है कि इससे मतदाताओं की पहचान और सूची में मौजूद संभावित गड़बड़ियों की जांच में मदद मिल सकती है।
हालांकि, आधार को मतदाता पहचान से जोड़ने और मतदान के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू करने के लिए संबंधित कानूनी प्रावधानों, निजता और चुनाव आयोग के नियमों को भी ध्यान में रखना होगा।
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
सपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि मतदाता सूची में सुधार और पहचान की व्यवस्था को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी संस्थाओं पर जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। अखिलेश ने मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने और हर पात्र मतदाता के वोट का अधिकार सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
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