By Malay Ojha | Published: 26 October 2026 at 03:57 PM
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणी मानहानि की श्रेणी में नहीं आती। इस फैसले के बाद न्यायाधीश शुभम वर्मा भी चर्चा में हैं, जिन्होंने मामले की सुनवाई की।
राहुल गांधी को क्यों किया गया बरी?
सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) शुभम वर्मा ने मामले की सुनवाई की। अदालत के फैसले से राहुल गांधी को करीब आठ साल पुराने इस मानहानि मामले में राहत मिली है। मामला अमित शाह को लेकर राहुल गांधी की एक टिप्पणी से जुड़ा था, जिसे लेकर बीजेपी नेता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
कौन हैं जज शुभम वर्मा?
राहुल गांधी को बरी करने वाले न्यायाधीश शुभम वर्मा उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारी हैं। वह फिलहाल सुल्तानपुर में विशेष एमपी-एमएलए अदालत की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने 27 फरवरी 2015 को न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। इसके बाद 7 जनवरी 2019 को उन्हें सिविल जज और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर पदोन्नति मिली। उन्हें प्रथम श्रेणी न्यायिक अधिकारी का दर्जा भी प्राप्त है।
देवरिया के रहने वाले हैं शुभम वर्मा
शुभम वर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम रविंद्र वर्मा है। उन्होंने 2007 में बीए, 2010 में एलएलबी और 2021 में एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। अपने न्यायिक करियर के दौरान वह बस्ती, मऊ, गाजियाबाद और सुल्तानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में सेवाएं दे चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2048 है।
बीजेपी नेता ने दर्ज कराया था मानहानि का केस
राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराई थी। मिश्रा सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने 4 अगस्त 2018 को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत की थी।
अमित शाह को लेकर टिप्पणी से जुड़ा था मामला
यह पूरा विवाद 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी के बेंगलुरु में दिए गए एक भाषण से जुड़ा था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में अमित शाह का नाम सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले से जोड़ा था। गौरतलब है कि अमित शाह को इस मामले में 2014 में विशेष सीबीआई अदालत से आरोपमुक्त कर दिया गया था।
2023 में अदालत ने राहुल गांधी को किया था तलब
इस मामले में सुल्तानपुर की अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। अदालत में पेश होने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। उनका पक्ष था कि शिकायत राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है। अब विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उनकी टिप्पणी को मानहानि की श्रेणी में नहीं माना और उन्हें बरी कर दिया।
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