By Malay Ojha | Published: 21 August 2026 at 04:07 PM
बिहार की बिजली कंपनी बीएसपीएचसीएल को बिजली क्षेत्र में नए कर्मचारियों की ट्रेनिंग और कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। कंपनी को ‘स्किल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026 फॉर पावर सेक्टर’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार खास तौर पर कंपनी की उस पहल के लिए दिया गया, जिसके तहत 1,900 नवनियुक्त तकनीशियनों को प्रशिक्षण देकर बिजली क्षेत्र में काम के लिए तैयार किया गया।
यह सम्मान शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित वोल्ट कार्यक्रम के तहत पावर सेक्टर स्किल काउंसिल की इंडस्ट्री कंसल्टेशन वर्कशॉप में दिया गया। बीएसपीएचसीएल की ओर से ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर-कम-कंसल्टेंट अशोक कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया। उन्हें यह सम्मान केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के चेयरपर्सन और पावर सेक्टर स्किल काउंसिल के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने प्रदान किया।
पावर सेक्टर के विशेषज्ञों ने चुना
पुरस्कार के लिए बीएसपीएचसीएल की ट्रेनिंग व्यवस्था का मूल्यांकन बिजली क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की ज्यूरी ने किया। ज्यूरी ने कंपनी की इंडक्शन स्किलिंग पहल को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना। इस पहल का मकसद केवल नए कर्मचारियों को नौकरी से जोड़ना नहीं था, बल्कि उन्हें काम शुरू करने से पहले जरूरी तकनीकी जानकारी, सुरक्षा मानकों और कामकाज की प्रक्रिया से परिचित कराना था।
नए तकनीशियनों को काम से पहले मिला प्रशिक्षण
बिजली क्षेत्र में तकनीकी कर्मचारियों का काम सीधे सुरक्षा और बिजली व्यवस्था से जुड़ा होता है। ऐसे में नए कर्मचारियों के लिए शुरुआती प्रशिक्षण काफी अहम माना जाता है। बीएसपीएचसीएल ने इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए 1,900 तकनीशियनों की इंडक्शन स्किलिंग कराई। प्रशिक्षण के जरिए कर्मचारियों को उनके काम की जिम्मेदारियों और जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में तैयार किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
कंपनी की इस पहल को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। पुरस्कार मिलने से बीएसपीएचसीएल की प्रशिक्षण व्यवस्था को भी एक नई पहचान मिली है। खास बात यह है कि सम्मान केवल किसी एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि नए तकनीकी कर्मचारियों को व्यवस्थित तरीके से काम के लिए तैयार करने की पूरी प्रक्रिया के लिए दिया गया है।
ऊर्जा सचिव ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया
ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बीएसपीएचसीएल अजय यादव ने इस सम्मान को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 1,900 तकनीशियनों की इंडक्शन स्किलिंग के जरिए कुशल, सुरक्षित और जिम्मेदार तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया गया है। उनके मुताबिक आने वाले समय में भी कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
सिर्फ शुरुआती ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है पहल
बीएसपीएचसीएल पिछले कुछ वर्षों से अपने तकनीकी और दूसरे कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इनमें इंडक्शन ट्रेनिंग के अलावा तकनीकी प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, कौशल बढ़ाने के कार्यक्रम और काम की जगह पर प्रशिक्षण शामिल हैं। कंपनी की कोशिश कर्मचारियों को केवल नियुक्ति के समय प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है।
बदलती तकनीक के साथ प्रशिक्षण पर जोर
बिजली क्षेत्र में तकनीक लगातार बदल रही है। नई मशीनों, आधुनिक बिजली व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े नियमों के साथ कर्मचारियों को लगातार अपडेट रखना जरूरी है। इसी वजह से बीएसपीएचसीएल की ओर से कर्मचारियों को नई तकनीक, सुरक्षा नियमों, परिचालन प्रक्रिया और आधुनिक बिजली प्रणाली के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
तकनीकी कर्मचारियों की तैयारी पर बढ़ा फोकस
बीएसपीएचसीएल की पहल ऐसे समय में अहम है जब बिजली की मांग और आपूर्ति व्यवस्था के साथ तकनीकी काम की जटिलता भी बढ़ रही है। फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए तकनीकी दक्षता के साथ सुरक्षा की जानकारी भी जरूरी है। कंपनी की इंडक्शन स्किलिंग व्यवस्था इसी जरूरत को पूरा करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
भर्ती के बाद सीधे काम नहीं, पहले तैयारी
नए तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वे संगठन की कार्यप्रणाली और अपने काम की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझकर फील्ड में उतर सकें। बीएसपीएचसीएल की 1,900 तकनीशियनों की ट्रेनिंग इसी मॉडल पर केंद्रित रही। कंपनी की तकनीशियन भर्ती से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज में भी करीब 1,900 अभ्यर्थियों के सत्यापन का रिकॉर्ड उपलब्ध है।
आगे भी जारी रहेगा कौशल विकास
कंपनी का कहना है कि बदलती जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लगातार बेहतर किया जाएगा। इंडक्शन ट्रेनिंग के साथ तकनीकी कौशल, सुरक्षा और काम के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। स्किल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026 को इसी दिशा में बीएसपीएचसीएल के प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
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