By Malay Ojha | Published: 22 August 2026 at 04:58 PM
नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक को लेकर युवाओं के बीच हुए विरोध-प्रदर्शनों और पहली बार वोट डालने वाले नए मतदाताओं पर बढ़ते राजनीतिक फोकस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने जेन जेड तक पहुंच बढ़ाने के लिए खास टीम बनाई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े समेत कई बड़े नेताओं को इस अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। ‘जेन जेड आउटरीच प्रोग्राम’ अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी अब युवा मतदाताओं से सिर्फ चुनावी समय में संपर्क करने के बजाय उनके साथ लगातार संवाद कायम करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए बनाई गई नई टीम देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं, उम्मीदों और भविष्य को लेकर सोच को समझने की कोशिश करेगी।
नितिन नबीन समेत इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस विशेष अभियान की टीम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को शामिल किया गया है। गुजरात सरकार के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ओपी चौधरी भी टीम का हिस्सा होंगे। इनके अलावा कुछ अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है।
अगले महीने से शुरू हो सकता है अभियान
बताया जा रहा है कि पार्टी जल्द ही इस अभियान का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर सकती है। अगले महीने से टीम के सदस्य युवाओं के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत शुरू करेंगे। हालांकि अभी अभियान की पूरी रूपरेखा, स्थान और कार्यक्रमों का अंतिम विवरण सामने नहीं आया है।
युवाओं की बात सुनने पर रहेगा जोर
भाजपा के इस अभियान का मकसद सिर्फ युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाना नहीं है। इसके जरिए जेन जेड की आकांक्षाओं, चिंताओं और प्राथमिकताओं को समझने पर भी जोर रहेगा। युवाओं को पार्टी नेताओं के साथ सीधे बातचीत करने और अपने मुद्दे सामने रखने का मौका देने की योजना है। यानी रोजगार, पढ़ाई, करियर, तकनीक और भविष्य से जुड़े सवालों पर युवा अपनी बात सीधे नेताओं तक पहुंचा सकेंगे।
पहली बार वोट देने वाले युवा भी अहम
राजनीतिक दलों के लिए 18 से 29 साल की उम्र के युवा मतदाता तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं। खास तौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को लेकर सभी दल अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा का यह अभियान भी इसी बड़े राजनीतिक बदलाव के बीच देखा जा रहा है। पार्टी कोशिश कर रही है कि नई पीढ़ी के साथ उसका संपर्क केवल चुनावी भाषणों और प्रचार तक सीमित न रहे।
नीट विवाद के बाद युवाओं पर बढ़ा राजनीतिक फोकस
युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने की भाजपा की कोशिश ऐसे समय में सामने आई है, जब नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों और युवाओं का विरोध देखने को मिला। इन प्रदर्शनों ने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
इसी बीच राजनीतिक दलों के बीच नई पीढ़ी को अपने साथ जोड़ने की कोशिश भी तेज हुई है। भाजपा का नया अभियान इसी बदलते राजनीतिक माहौल का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से यह नहीं कहा गया है कि यह पहल केवल किसी एक विवाद या प्रदर्शन के जवाब में शुरू की गई है।
सोशल मीडिया से आगे आमने-सामने संवाद
जेन जेड के बीच राजनीतिक पहुंच का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल मंचों के जरिए होता है। लेकिन भाजपा की नई पहल में आमने-सामने बातचीत को भी अहम जगह देने की तैयारी है। पार्टी के नेता युवाओं से सीधे मिलेंगे, उनके सवाल सुनेंगे और उनके विचार जानने की कोशिश करेंगे। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर युवाओं की सोच समझने का मौका मिल सकता है।
संगठनात्मक अनुभव और युवा चेहरे का मेल
इस टीम में संगठन का लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं के साथ अपेक्षाकृत युवा चेहरों को शामिल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा नई पीढ़ी के साथ संवाद के लिए संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व, दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है। पार्टी की कोशिश अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के युवाओं तक पहुंच बनाने की है।
चुनावी रणनीति से भी जुड़ा है अभियान
भाजपा का यह कदम आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शनिवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक हुई, जिसमें संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई टीम के साथ बैठक की। ([Outlook India][7])
नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक में क्या हुआ?
नई राष्ट्रीय टीम की बैठक शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों का गायन किया गया। इसके बाद पार्टी के नए पदाधिकारियों के साथ संगठन और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। जमीनी स्तर पर लोगों तक पार्टी की पहुंच मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। ([Moneycontrol][8])
आने वाले दिनों में साफ होगी पूरी रणनीति
भाजपा के जेन जेड अभियान का विस्तृत कार्यक्रम आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किन राज्यों और संस्थानों से इसकी शुरुआत करती है और युवाओं से संवाद का तरीका क्या रखा जाता है। फिलहाल इतना साफ है कि भाजपा नई पीढ़ी के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने के लिए संगठन स्तर पर एक अलग और लगातार चलने वाली पहल तैयार कर रही है।
युवा मतदाताओं की बढ़ती भूमिका को देखते हुए आने वाले समय में यह अभियान भाजपा की चुनावी और संगठनात्मक रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अगले महीने शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में पार्टी युवाओं के किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और उनके साथ संवाद को किस तरह आगे बढ़ाती है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

