By Malay Ojha | Published: 21 July 2026 at 02:11 PM
नई दिल्ली: छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे ने संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सियासी माहौल गरमा दिया। विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सदन में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई। विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी तेज कर दी। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मंगलवार को जैसे ही संसद की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। विपक्ष का कहना था कि जिन छात्रों को अपनी परीक्षा और भविष्य को लेकर सवाल पूछने का अधिकार है, उनके साथ बल प्रयोग किया गया। इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगते हुए विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
खरगे बोले- छात्रों की आवाज दबाई जा रही है
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। खरगे ने कहा कि देश के हजारों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश करनी चाहिए। उनके बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
‘अगर संसद में बात नहीं होगी तो कहां होगी?’
खरगे ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहता है, ताकि सरकार अपना पक्ष रख सके और गृह मंत्री इस मामले पर बयान दें। उनका सवाल था कि अगर छात्रों से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं होगी, तो फिर उनकी आवाज कहां उठाई जाएगी। खरगे ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति बताते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की।
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि संसद में परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी चाहिए। राहुल गांधी के मुताबिक, छात्र अपनी परीक्षा और भविष्य को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इससे पहले भी राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन और कथित पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया था।
राहुल बोले- छात्रों का भविष्य दांव पर
राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है जो वर्षों तक मेहनत करते हैं। उनका कहना था कि छात्र और उनके परिवार परीक्षा की तैयारी में समय और पैसा लगाते हैं, लेकिन अगर परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने या व्यवस्था में गड़बड़ी की खबर सामने आती है, तो मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा टूटता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और सरकार से जवाब देने की मांग की।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी छात्रों के साथ कथित कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अखिलेश ने सरकार पर अपने सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे का दबाव नहीं बनाने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए।
ओवैसी बोले- पहले ही बातचीत करनी चाहिए थी
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह की स्थिति बनी, उससे पहले ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत की जानी चाहिए थी। ओवैसी ने इसे व्यवस्था की नाकामी बताते हुए कहा कि बातचीत से कई विवादों को बढ़ने से पहले ही रोका जा सकता था। उनके बयान के मुताबिक, सरकार को छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना चाहिए था।
प्रियंका गांधी ने कहा- युवाओं का भविष्य सबसे बड़ा सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से परीक्षा में पेपर लीक का मुद्दा उठाती रही है। उनका आरोप है कि बार-बार परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रियंका ने कहा कि देश के युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं और उनके माता-पिता भी उनकी पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं, लेकिन परीक्षा में गड़बड़ी होने पर पूरी मेहनत बेकार हो जाती है।
‘नियुक्ति का इंतजार करते रह जाते हैं युवा’
प्रियंका गांधी ने युवाओं की नौकरी और नियुक्ति से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई युवा सालों तक परीक्षा और नियुक्ति का इंतजार करते रहते हैं। इस दौरान अगर पेपर लीक हो जाए या परीक्षा रद्द हो जाए, तो उनकी उम्र बढ़ती जाती है और रोजगार का मौका हाथ से निकलने लगता है। उन्होंने इसे केवल परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।
विपक्ष की मांग- छात्रों की बात संसद में सुनी जाए
विपक्षी दलों का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ी पर संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष चाहता है कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब दे और यह स्पष्ट करे कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है।
संसद के बाहर प्रदर्शन, सदन के अंदर सियासी टकराव
पेपर लीक का मुद्दा मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था। सत्र के पहले दिन भी इस मुद्दे को लेकर संसद में हंगामा हुआ था और दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई थी। इसके बाद छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई ने इस मुद्दे को और राजनीतिक रूप से गरमा दिया। अब विपक्ष इस मामले को संसद के भीतर उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
सरकार पर बढ़ा दबाव, आगे भी हंगामे के आसार
छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष के तेवर लगातार आक्रामक होते जा रहे हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य से जोड़ दिया है। वहीं, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग ने विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है। ऐसे में मानसून सत्र के आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के आसार हैं। फिलहाल विपक्ष की कोशिश है कि छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर संसद में विस्तृत चर्चा हो, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।
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