Monday, June 29, 2026

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, 7 बैंकों को नोटिस; अब पैसों के पूरे नेटवर्क की जांच

By Malay Ojha | Published: 29 June 2026 at 08:12 PM

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अब बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच गई है। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत करीब छह से सात बैंकों को नोटिस जारी कर खातों, लॉकर और संदिग्ध लेनदेन का पूरा ब्योरा मांगा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई दान राशि आखिर कहां और कैसे पहुंची।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस अब केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पैसों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इसी कड़ी में कई बैंकों को नोटिस भेजकर खातों, लॉकर और संदिग्ध लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा गया है।

पैसों के फ्लो को ट्रेस कर रही जांच एजेंसियां
जांच एजेंसियां ट्रांजैक्शन ट्रेल के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि दान राशि किस-किस खाते से होकर गुजरी और कहीं किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। पुलिस को उम्मीद है कि बैंक रिकॉर्ड सामने आने के बाद इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

ट्रस्ट से जुड़े लोगों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
पुलिस केवल बैंक खातों की जांच नहीं कर रही है, बल्कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों और आरोपियों के वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं किसी व्यक्ति ने दान राशि के प्रबंधन में नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल
जांच का दायरा अब बैंक कर्मचारियों तक भी पहुंच गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नकदी की गिनती, उसकी सुरक्षा और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कहीं लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।

दो बैंक कर्मचारी पहले से जांच के घेरे में
भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े दो कर्मचारी रत्नेश और गगनदीप पहले से जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। बताया जा रहा है कि इनके अधीन छह आउटसोर्सिंग कर्मचारी काम कर रहे थे। पुलिस इन सभी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी चढ़ावे की गिनती करने और रकम को सुरक्षित तरीके से बैंक तक पहुंचाने की थी।

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भूमिका खंगाल रही पुलिस
गिरफ्तार किए गए लोगों में सुभाष और टीन्नु को छोड़कर बाकी आरोपी आउटसोर्सिंग स्टाफ से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन लोगों ने मिलकर किसी बड़े वित्तीय खेल को अंजाम तो नहीं दिया।

नया घाट शाखा पहुंची पुलिस टीम
इस बीच अयोध्या पुलिस की एक टीम भारतीय स्टेट बैंक की नया घाट शाखा भी पहुंची। इसी शाखा में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य बैंक खाता संचालित होता है। यहां पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।

सीसीटीवी और कैश मूवमेंट रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और नकदी के आवागमन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। बैंक प्रबंधक का बयान भी दर्ज किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक में जमा होने तक की प्रक्रिया में आखिर किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।

कई बड़े खुलासों की उम्मीद
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेज सामने आने के बाद इस मामले में कई नए नाम और नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, 7 बैंकों को नोटिस; अब पैसों के पूरे नेटवर्क की जांच

By Malay Ojha | Published: 29 June 2026 at 08:12 PM

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अब बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच गई है। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत करीब छह से सात बैंकों को नोटिस जारी कर खातों, लॉकर और संदिग्ध लेनदेन का पूरा ब्योरा मांगा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई दान राशि आखिर कहां और कैसे पहुंची।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस अब केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पैसों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इसी कड़ी में कई बैंकों को नोटिस भेजकर खातों, लॉकर और संदिग्ध लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा गया है।

पैसों के फ्लो को ट्रेस कर रही जांच एजेंसियां
जांच एजेंसियां ट्रांजैक्शन ट्रेल के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि दान राशि किस-किस खाते से होकर गुजरी और कहीं किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। पुलिस को उम्मीद है कि बैंक रिकॉर्ड सामने आने के बाद इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

ट्रस्ट से जुड़े लोगों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
पुलिस केवल बैंक खातों की जांच नहीं कर रही है, बल्कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों और आरोपियों के वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं किसी व्यक्ति ने दान राशि के प्रबंधन में नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल
जांच का दायरा अब बैंक कर्मचारियों तक भी पहुंच गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नकदी की गिनती, उसकी सुरक्षा और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कहीं लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।

दो बैंक कर्मचारी पहले से जांच के घेरे में
भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े दो कर्मचारी रत्नेश और गगनदीप पहले से जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। बताया जा रहा है कि इनके अधीन छह आउटसोर्सिंग कर्मचारी काम कर रहे थे। पुलिस इन सभी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी चढ़ावे की गिनती करने और रकम को सुरक्षित तरीके से बैंक तक पहुंचाने की थी।

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भूमिका खंगाल रही पुलिस
गिरफ्तार किए गए लोगों में सुभाष और टीन्नु को छोड़कर बाकी आरोपी आउटसोर्सिंग स्टाफ से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन लोगों ने मिलकर किसी बड़े वित्तीय खेल को अंजाम तो नहीं दिया।

नया घाट शाखा पहुंची पुलिस टीम
इस बीच अयोध्या पुलिस की एक टीम भारतीय स्टेट बैंक की नया घाट शाखा भी पहुंची। इसी शाखा में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य बैंक खाता संचालित होता है। यहां पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।

सीसीटीवी और कैश मूवमेंट रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और नकदी के आवागमन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। बैंक प्रबंधक का बयान भी दर्ज किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक में जमा होने तक की प्रक्रिया में आखिर किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।

कई बड़े खुलासों की उम्मीद
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेज सामने आने के बाद इस मामले में कई नए नाम और नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

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