By Malay Ojha | Published: 30 June 2026 at 03:56 PM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 690 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर थी, विकास कुछ चुनिंदा परिवारों तक सीमित था और धार्मिक आयोजनों में भी कई तरह की रुकावटें पैदा की जाती थीं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले तक उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। उनके मुताबिक उस दौर में महिलाओं, व्यापारियों और किसानों में असुरक्षा का माहौल था, जबकि युवाओं को रोजगार के अवसर भी नहीं मिल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता नहीं थी और व्यवस्था पर कुछ लोगों का प्रभाव दिखाई देता था।
‘विकास सिर्फ दो परिवारों तक सीमित था’
योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी नाम का विस्तार किए कहा कि पहले विकास का लाभ पूरे प्रदेश को नहीं मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय केवल सैफई परिवार और रामपुर के एक प्रभावशाली परिवार तक ही सरकारी योजनाओं का फायदा सीमित था। उनका कहना था कि बाकी क्षेत्रों और आम लोगों को विकास से वंचित रखा गया।
धार्मिक आयोजनों को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक आयोजनों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा, रामनवमी, जन्माष्टमी, होली, दीपावली, विजयादशमी और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों को लेकर अक्सर तनाव का माहौल बन जाता था। अब प्रदेश में सभी त्योहार शांतिपूर्ण और उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य में बदले माहौल का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
‘अब वही लोग राम की बात कर रहे हैं’
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के नाम और राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते थे, आज वही राम और आस्था की बात करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव जनता की सोच और विश्वास की ताकत का परिणाम है। मुख्यमंत्री का दावा था कि जनता ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं, इसलिए विपक्ष को भी अपना रुख बदलना पड़ा है।
अयोध्या, काशी और मथुरा का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों का तेजी से विकास हुआ है। उनके अनुसार इन परियोजनाओं ने देश-दुनिया का ध्यान उत्तर प्रदेश की ओर खींचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इन बदलावों से असहज है और इसी वजह से लगातार सवाल उठाता रहता है।
हनुमान और कालनेमी का उदाहरण देकर विपक्ष पर हमला
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम की भक्ति व्यक्ति को हर तरह की बाधा और छल से लड़ने की ताकत देती है। इसी संदर्भ में उन्होंने हनुमान और कालनेमी की कथा का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता सच्चाई और झूठ के बीच अंतर समझती है और समय आने पर सही फैसला करती है।
रामपुर के चाकू का उदाहरण देकर कही बड़ी बात
मुख्यमंत्री ने रामपुर के मशहूर चाकू उद्योग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोई भी चीज अपने आप में अच्छी या बुरी नहीं होती, बल्कि उसका इस्तेमाल करने वाला तय करता है कि उसका उपयोग किसलिए होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इस पहचान का गलत इस्तेमाल किया जाता था, जबकि अब कानून-व्यवस्था मजबूत होने के कारण यही पहचान सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन रही है।
विकास परियोजनाओं का भी दिया संदेश
राजनीतिक हमलों के साथ मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर जिले तक सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। रामपुर में 690 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने लोगों से विकास और सुशासन के मुद्दे पर सरकार का साथ देने की अपील की।
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