बिहार सरकार ने राजधानी पटना के दो प्रमुख संस्थानों के नाम बदलने का फैसला लिया है। संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क का नया नाम अब पटना जू होगा। वहीं संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी कर दिया गया है।
पटना जू की खास पहचान
पटना का यह चिड़ियाघर वर्ष 1973 में आम लोगों के लिए खोला गया था। बेली रोड के पास स्थित यह पार्क करीब 153 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां 110 से अधिक प्रजातियों के 800 से ज्यादा वन्य जीव मौजूद हैं। यह बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
डेयरी कॉलेज में होती है तकनीकी पढ़ाई
पटना स्थित यह डेयरी संस्थान वर्ष 1980 में स्थापित किया गया था। यहां डेयरी तकनीक से जुड़े बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं। यह संस्थान कृषि अनुसंधान परिषद से मान्यता प्राप्त है।
125 यूनिट मुफ्त बिजली जारी रहेगी
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के लिए 23,165 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके तहत राज्य के उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिलता रहेगा।
हर ब्लॉक में कॉलेज और मॉडल स्कूल
राज्य के 208 ब्लॉकों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। इसके लिए 104 करोड़ रुपये और 9,152 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही हर ब्लॉक में आधुनिक सुविधाओं वाले मॉडल स्कूल भी बनाए जाएंगे, जिनमें स्मार्ट कक्षा और प्रयोगशालाएं होंगी।
सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी
सरकार ने चार बड़ी सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इनमें गंगा अंबिका पथ, नारायणी पथ, विश्वामित्र पथ और गया में नए पुल का निर्माण शामिल है। राजधानी पटना में राष्ट्रीय फैशन संस्थान के लिए जमीन आवंटन को भी मंजूरी मिली है।
ऑटिज्म सेंटर और छात्रवृत्ति बढ़ी
पटना के गर्दनीबाग क्षेत्र में ऑटिज्म से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों का स्टाइपेंड 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है।

