By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 09 May 2026 at 11:27 AM
अमेरिका लंबे समय से दुनिया के अलग-अलग देशों में मौजूद संवर्धित यूरेनियम को लेकर सतर्क रहा है. अब अमेरिकी प्रशासन ने दावा किया है कि वेनेजुएला से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सफलतापूर्वक हटाया गया है. इस पूरे मिशन को वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मुताबिक यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में पूरा किया गया. इस मिशन में अमेरिका के साथ ब्रिटेन और वेनेजुएला ने भी सहयोग किया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित तरीके से अमेरिका पहुंचा दिया गया है.
अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के प्रमुख ब्रैंडन विलियम्स ने कहा कि यह कदम सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक वेनेजुएला अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और यह ऑपरेशन उसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है.
यूरेनियम कहां रखा गया था?
बताया गया कि यह यूरेनियम वेनेजुएला की राजधानी कराकास के पास स्थित एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में रखा गया था. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इस मिशन की पुष्टि की है. एजेंसी के अनुसार ऑपरेशन काफी जटिल था क्योंकि यूरेनियम को पहले जमीनी रास्ते से और फिर समुद्री मार्ग के जरिए उत्तर अमेरिका पहुंचाया गया.
यूरेनियम को अमेरिका कैसे पहुंचाया गया?
इसके बाद इस संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका के साउथ कैरोलिना स्थित परमाणु केंद्र में ले जाया गया, जहां अब इसे प्रोसेस किया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मिशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया.
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में क्यों आया बदलाव?
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन और वेनेजुएला के रिश्तों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. कुछ समय पहले दोनों देशों के संबंध काफी तनावपूर्ण थे, लेकिन हाल के महीनों में कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं.
दोनों देशों के बीच क्या बदल रहा है?
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ समेत कई बड़े अधिकारी हाल में वेनेजुएला पहुंचे थे. इसके अलावा सात साल बाद दोनों देशों के बीच सीधी कमर्शियल उड़ानें भी शुरू हुई हैं. अमेरिका ने वेनेजुएला में अपना दूतावास दोबारा खोलने का फैसला भी लिया है.

