By Malay Ojha | Published: 13 May 2026 at 06:46 AM
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब विमानन सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती जेट ईंधन कीमतों के बीच एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद करने और कुछ सेवाओं में कटौती करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था जून की शुरुआत से अगले तीन महीनों तक लागू रह सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर असर पड़ा है उनमें शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसी उड़ानें शामिल हैं। इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो के लिए भी उड़ानों की संख्या घटाई गई है।
रोजाना करीब 100 उड़ानों में कटौती
बताया जा रहा है कि एयरलाइन ने कुल मिलाकर रोजाना करीब 100 उड़ानों में कटौती की है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत और अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से यह कदम उठाना पड़ा।
कंपनी ने बढ़ाई आंतरिक सख्ती
कैंपबेल विल्सन ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा वैश्विक तनाव और ईंधन कीमतों में तेजी के कारण एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती जारी रखेगी। कंपनी फिलहाल खर्च कम करने और संचालन को संतुलित रखने पर जोर दे रही है।
कर्मचारियों पर भी हुई कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया ने अपने आंतरिक नियमों और लागत नियंत्रण व्यवस्था को भी सख्त किया है। पिछले तीन वर्षों में नैतिक कदाचार और नीतियों के उल्लंघन के मामलों में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है।
भारी घाटे से जूझ रही एयरलाइन
कंपनी के अंदर हुई बैठक में बताया गया कि कुछ कर्मचारियों पर एम्प्लॉई लीजर ट्रैवल सिस्टम के गलत इस्तेमाल, विमान से सामान की तस्करी और बिना शुल्क अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति देने जैसे मामलों में कार्रवाई की गई है।
एयर इंडिया समूह, जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2026 में समाप्त वित्तीय वर्ष में समूह को 22 हजार करोड़ रुपए से अधिक के घाटे का अनुमान है।
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