By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 28 May 2026 at 12:39 PM
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ गंगा घाट पर बुधवार को बड़ा नाव हादसा हो गया। दियारा इलाके में परवल तोड़ने जा रहे किसानों से भरी नाव गंगा नदी में पलट गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक पुरुष और छह महिलाएं शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बिंद टोली के किसान हर दिन की तरह नाव के सहारे गंगा नदी पार कर दियारा क्षेत्र में खेती और मजदूरी के लिए जा रहे थे। दियारा इलाके में परवल की खेती इन परिवारों की आय का मुख्य जरिया मानी जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान नाव से नदी पार कर खेतों में काम करने जाते हैं।
बीच नदी में अचानक बिगड़ा हालात
बताया जा रहा है कि नाव जैसे ही गंगा नदी के बीच हिस्से में पहुंची, तभी तेज हवा चलने लगी। तेज बहाव और हवा के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते नाव पलट गई। नाव पलटते ही उसमें सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गहरे पानी में डूबने लगे।
स्थानीय नाविकों ने बचाई कई जिंदगियां
घटना के दौरान आसपास मौजूद नाविकों ने साहस दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ लोग तैरकर किसी तरह नदी किनारे पहुंचने में सफल रहे। हालांकि कई लोग तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश जारी है।
रेस्क्यू अभियान में मिले शव
घटना के बाद प्रशासन और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंची। सर्च अभियान के दौरान एक महिला और एक युवक का शव बरामद किया गया। प्रशासन ने अब तक कुल सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं कई अन्य लोगों की तलाश एसडीआरएफ की टीम लगातार कर रही है।
घाट पर मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही उमानाथ गंगा घाट पर भारी भीड़ जुट गई। मृतकों और लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बिंद टोली इलाके में हर तरफ मातम का माहौल बना हुआ है। कई परिवार घंटों तक गंगा किनारे अपने अपनों का इंतजार करते रहे।
प्रशासन और राहत टीम मौके पर मौजूद
घटना की जानकारी मिलते ही बाढ़ थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रामाकृष्णा और अंचलाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। एसडीआरएफ की टीम मोटरबोट और गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में तेज हवा और क्षमता से अधिक लोगों के नाव पर सवार होने को हादसे की वजह माना जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने दियारा क्षेत्र में सुरक्षित नाव संचालन और स्थायी पुल की मांग उठाई है ताकि गरीब किसानों को रोजी-रोटी के लिए जान जोखिम में न डालनी पड़े।

