Sunday, May 31, 2026

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ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा मोड़! पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, सीबीआई को मिले चौंकाने वाले सुराग

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 28 May 2026 at 07:09 PM

भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. जबलपुर हाई कोर्ट से राहत खत्म होने के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले उनका बेटा समर्थ सिंह भी जांच एजेंसी की हिरासत में लिया जा चुका है. अब दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी. कई घंटे तक चली पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी की तकनीकी टीम ने घर की डिजिटल मैपिंग की और कई अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए. करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

डिजिटल सबूतों पर सीबीआई की खास नजर
सीबीआई अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच की. सूत्रों के अनुसार, मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है. एजेंसी को शक है कि मामले में अब भी कई अहम तथ्य सामने आना बाकी हैं.

हाई कोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत
इससे पहले बुधवार को जबलपुर हाई कोर्ट में करीब तीन घंटे तक सुनवाई चली थी. सुनवाई के बाद अदालत ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी. राज्य सरकार की ओर से पेश पक्ष में कहा गया कि मामले में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई मुश्किलें
राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा के शरीर पर सात चोटों का जिक्र है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी चोटें मौत से पहले की थीं. अदालत में यह भी कहा गया कि शव को फंदे से उतारने के दौरान इस तरह की चोटें नहीं आ सकतीं.

मानसिक प्रताड़ना के भी मिले संकेत
महाधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि वॉट्सऐप चैट्स और अन्य दस्तावेजों से मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के संकेत मिलते हैं. प्राथमिकी में दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप दर्ज हैं. जांच एजेंसी के पास कई गवाहों के बयान भी मौजूद बताए जा रहे हैं.

जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
राज्य सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि गिरिबाला Singh ने जांच में सहयोग नहीं किया. कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद वे जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुईं. इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत के आदेश को गलत मानते हुए अग्रिम जमानत निरस्त कर दी.

इन धाराओं में दर्ज है मामला
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत विवाहित महिला के साथ क्रूरता और धारा 3(5) समेत दहेज निषेध कानून की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. अब एजेंसी अदालत से रिमांड मांगकर आगे की पूछताछ करेगी.

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ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा मोड़! पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, सीबीआई को मिले चौंकाने वाले सुराग

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 28 May 2026 at 07:09 PM

भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. जबलपुर हाई कोर्ट से राहत खत्म होने के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले उनका बेटा समर्थ सिंह भी जांच एजेंसी की हिरासत में लिया जा चुका है. अब दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी. कई घंटे तक चली पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी की तकनीकी टीम ने घर की डिजिटल मैपिंग की और कई अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए. करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

डिजिटल सबूतों पर सीबीआई की खास नजर
सीबीआई अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच की. सूत्रों के अनुसार, मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है. एजेंसी को शक है कि मामले में अब भी कई अहम तथ्य सामने आना बाकी हैं.

हाई कोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत
इससे पहले बुधवार को जबलपुर हाई कोर्ट में करीब तीन घंटे तक सुनवाई चली थी. सुनवाई के बाद अदालत ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी. राज्य सरकार की ओर से पेश पक्ष में कहा गया कि मामले में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई मुश्किलें
राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा के शरीर पर सात चोटों का जिक्र है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी चोटें मौत से पहले की थीं. अदालत में यह भी कहा गया कि शव को फंदे से उतारने के दौरान इस तरह की चोटें नहीं आ सकतीं.

मानसिक प्रताड़ना के भी मिले संकेत
महाधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि वॉट्सऐप चैट्स और अन्य दस्तावेजों से मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के संकेत मिलते हैं. प्राथमिकी में दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप दर्ज हैं. जांच एजेंसी के पास कई गवाहों के बयान भी मौजूद बताए जा रहे हैं.

जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
राज्य सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि गिरिबाला Singh ने जांच में सहयोग नहीं किया. कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद वे जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुईं. इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत के आदेश को गलत मानते हुए अग्रिम जमानत निरस्त कर दी.

इन धाराओं में दर्ज है मामला
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत विवाहित महिला के साथ क्रूरता और धारा 3(5) समेत दहेज निषेध कानून की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. अब एजेंसी अदालत से रिमांड मांगकर आगे की पूछताछ करेगी.

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