By Malay Ojha | Published: 29 June 2026 at 04:49 PM
वाराणसी में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पेटीएम कर्मचारी बनकर दुकानदारों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह ने एक दुकानदार के खाते में 26 लाख रुपये देखकर उसका मोबाइल लूटने की साजिश रची थी। मोबाइल नहीं मिलने पर आरोपियों ने दुकानदार को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, आठ जून को रोहनियां थाना क्षेत्र के अवलेशपुर निवासी जितेंद्र कुमार को गोली मार दी गई थी। घायल हालत में वह किसी तरह घर पहुंचे, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुला पूरा राज
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी मिर्जापुर से पीपा पुल के रास्ते वाराणसी पहुंचे थे और उन्होंने घटना के दौरान दो वाहनों का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक-एक कर आरोपियों की पहचान कर ली।
पेटीएम केवाईसी के बहाने करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को पेटीएम कंपनी का कर्मचारी बताकर दुकानदारों के पास पहुंचते थे। केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर वे दुकानदारों के मोबाइल और बैंक खातों की जानकारी जुटाते थे। इसी दौरान करीब छह महीने पहले आरोपी गियांशु और उसके साथियों ने मृतक जितेंद्र की दुकान पर पहुंचकर उसके खाते की जानकारी हासिल की थी।
मोबाइल लूटने के लिए बनाई हत्या की योजना
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पता चला कि जितेंद्र के खाते में करीब 26 लाख रुपये हैं। इसके बाद उन्होंने उसका मोबाइल हासिल करने की योजना बनाई ताकि खाते से पैसे निकाले जा सकें। घटना वाले दिन आरोपियों ने पहले दुकान और घर के आसपास रेकी की और फिर रात में उसका पीछा किया।
गोली मारने के बाद भी नहीं मिला मोबाइल
जब जितेंद्र अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे, तभी दो आरोपियों ने उनका पीछा कर गोली मार दी। हालांकि गोली लगने के बावजूद वह किसी तरह घर पहुंच गए। इसी वजह से आरोपियों को उनका मोबाइल हाथ नहीं लग सका और वे मौके से फरार हो गए।
पांच आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद
रोहनियां पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पहले तीन और बाद में मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, पेटीएम मशीनें, डेबिट कार्ड, क्यूआर कोड, बैंक दस्तावेज, लैपटॉप, सिम कार्ड और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।
कई जिलों में फैला था गिरोह का नेटवर्क
पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह वाराणसी के अलावा लखनऊ, कानपुर और चंदौली में भी दुकानदारों को अपना शिकार बना चुका है। शिवपुर थाने में इनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत पहले से मुकदमा दर्ज है। समन्वय पोर्टल पर भी इनके खिलाफ कई शिकायतें मौजूद हैं।
पुलिस टीम को मिलेगा एक लाख का इनाम
इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी से खुश होकर वाराणसी पुलिस आयुक्त ने पूरी टीम के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस अब आरोपियों के अन्य आपराधिक नेटवर्क और ठगी से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है।
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