By Malay Ojha | Published: 22 July 2026 at 04:55 PM
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 जुलाई को छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में राहुल गांधी ने कथित लाठीचार्ज का वीडियो दिखाया और आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सुरक्षाबलों ने बर्बरता की। उन्होंने कहा कि छात्रों ने कोई अपराध नहीं किया था, वे सिर्फ शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को जिस तरह से पीटा गया, वह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन युवाओं को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए, उनके साथ बल प्रयोग किया गया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र किसी तरह की हिंसा या अपराध में शामिल नहीं थे। वे केवल उस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे, जिससे उनका भविष्य जुड़ा हुआ है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। उनकी पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर थी। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान पूरी तरह विफल रहे हैं और ऐसे में उनके इस्तीफे की मांग जायज है।
लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग
राहुल गांधी की दूसरी मांग 20 जुलाई को छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज करने वाले सुरक्षाकर्मियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर थी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अगर ज्यादती हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रधानमंत्री से माफी मांगने को कहा
कांग्रेस सांसद ने अपनी तीसरी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने को लेकर रखी। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसके लिए सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर मौजूदा व्यवस्था को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है, लेकिन सरकार इस नाराजगी को समझने और उसका समाधान निकालने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
युवाओं में व्यवस्था को लेकर बढ़ रहा गुस्सा
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने पेपर लीक को एक बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, परीक्षा की तैयारी में युवा कई साल लगा देते हैं और परिवार अपनी जमा पूंजी तक खर्च कर देते हैं, लेकिन अगर परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाए तो उनकी पूरी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर जाता है।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देश में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बार-बार परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र लीक होते हैं और जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को ही उठाना पड़ता है।
लाखों छात्रों और परिवारों के प्रभावित होने का दावा
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पेपर लीक की समस्या सिर्फ परीक्षा देने वाले छात्र तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होता है। उन्होंने दावा किया कि करीब 7.5 करोड़ बच्चे और उनके परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। राहुल गांधी ने कहा कि एक परीक्षा की तैयारी और उसे पास करने के लिए परिवारों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी का आर्थिक और मानसिक बोझ सीधे छात्रों और उनके माता-पिता पर पड़ता है।
नीट परीक्षा के खर्च का भी उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने नीट परीक्षा को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश के परिवार अपने बच्चों की मेडिकल शिक्षा और प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर भारी रकम खर्च करते हैं, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे और छात्रों को अपनी मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का मौका मिले।
शिक्षा बजट और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में देश के शिक्षा बजट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर सरकार की ओर से बड़ी रकम खर्च की जाती है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर इतना पैसा खर्च किया जा रहा है, तो छात्रों को सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली क्यों नहीं मिल पा रही है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत है। उनके मुताबिक, समस्या सिर्फ एक परीक्षा या एक पेपर लीक तक सीमित नहीं है। यह पूरे सिस्टम से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और जब वही युवा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग लेकर सड़कों पर उतरते हैं, तो उनके साथ बल प्रयोग करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
3 मांगों के जरिए सरकार पर बढ़ाया दबाव
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखकर इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की। अब देखना होगा कि सरकार और शिक्षा मंत्रालय की ओर से राहुल गांधी के इन आरोपों और मांगों पर क्या जवाब दिया जाता है।
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