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गंगटोक में बिजली ग्रिड पर बड़ा मंथन, पूर्वी राज्यों को दिए गए अहम निर्देश

By Malay Ojha | Published: 25 May 2026 at 10:20 PM

सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति की 56वीं तकनीकी समन्वय समिति बैठक में पूर्वी भारत के कई राज्यों के बिजली विभागों और ऊर्जा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने, ग्रिड संचालन में सुधार तथा ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम समेत विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बिजली ग्रिड की स्थिरता, सिस्टम संचालन और ऊर्जा प्रबंधन से जुड़े अहम विषयों पर अपने सुझाव रखे। बैठक का उद्देश्य क्षेत्रीय बिजली नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना था।

ग्रिड फ्रीक्वेंसी और नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष चर्चा
बैठक के अतिरिक्त एजेंडे में ग्रिड फ्रीक्वेंसी प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, स्काडा सिस्टम अपग्रेडेशन, कैप्टिव पावर डेटा संग्रहण और भारत-भूटान के बीच रिएक्टिव एनर्जी अकाउंटिंग जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।

राज्यों को दिए गए कई महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक के दौरान राज्यों को ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, यूएफआर और एजीसी सिस्टम को और मजबूत करने तथा लंबित परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कैप्टिव पावर पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न नियामकीय प्रावधानों पर हितधारकों के साथ संवाद सत्र आयोजित करने के सुझाव भी सामने आए।

बिहार के प्रस्तावों की हुई सराहना
बैठक में बिहार की ओर से ग्रिड फ्रीक्वेंसी, डेटा संग्रहण और डीवीसी की 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों को नॉन-आईएसटीएस लाइन के रूप में प्रमाणित करने से जुड़े एजेंडे प्रस्तुत किए गए। क्षेत्रीय विद्युत समूह ने इन प्रस्तावों की सराहना की और उन्हें महत्वपूर्ण बताया।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के निदेशक (संचालन) अवधेश कुमार सिंह, पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति के सदस्य सचिव के बी जगताप, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के कार्यपालक निदेशक ए के नाइक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों और ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

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गंगटोक में बिजली ग्रिड पर बड़ा मंथन, पूर्वी राज्यों को दिए गए अहम निर्देश

By Malay Ojha | Published: 25 May 2026 at 10:20 PM

सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति की 56वीं तकनीकी समन्वय समिति बैठक में पूर्वी भारत के कई राज्यों के बिजली विभागों और ऊर्जा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने, ग्रिड संचालन में सुधार तथा ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम समेत विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बिजली ग्रिड की स्थिरता, सिस्टम संचालन और ऊर्जा प्रबंधन से जुड़े अहम विषयों पर अपने सुझाव रखे। बैठक का उद्देश्य क्षेत्रीय बिजली नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना था।

ग्रिड फ्रीक्वेंसी और नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष चर्चा
बैठक के अतिरिक्त एजेंडे में ग्रिड फ्रीक्वेंसी प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, स्काडा सिस्टम अपग्रेडेशन, कैप्टिव पावर डेटा संग्रहण और भारत-भूटान के बीच रिएक्टिव एनर्जी अकाउंटिंग जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।

राज्यों को दिए गए कई महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक के दौरान राज्यों को ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, यूएफआर और एजीसी सिस्टम को और मजबूत करने तथा लंबित परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कैप्टिव पावर पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न नियामकीय प्रावधानों पर हितधारकों के साथ संवाद सत्र आयोजित करने के सुझाव भी सामने आए।

बिहार के प्रस्तावों की हुई सराहना
बैठक में बिहार की ओर से ग्रिड फ्रीक्वेंसी, डेटा संग्रहण और डीवीसी की 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों को नॉन-आईएसटीएस लाइन के रूप में प्रमाणित करने से जुड़े एजेंडे प्रस्तुत किए गए। क्षेत्रीय विद्युत समूह ने इन प्रस्तावों की सराहना की और उन्हें महत्वपूर्ण बताया।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के निदेशक (संचालन) अवधेश कुमार सिंह, पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति के सदस्य सचिव के बी जगताप, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के कार्यपालक निदेशक ए के नाइक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों और ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

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