By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 12 May 2026 at 10:45 AM
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच देश में ईंधन संकट और संभावित लॉकडाउन को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन सभी अटकलों पर बड़ा बयान देते हुए स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है और लॉकडाउन जैसी बातें सिर्फ अफवाह हैं।
उद्योग संगठन सीआईआई के एक कार्यक्रम में बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में किसी तरह का लॉकडाउन नहीं लगाया जा रहा और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
तेल और गैस भंडार को लेकर दिया भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पास फिलहाल पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस का भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के मुकाबले भारत के पास 76 दिनों की ऊर्जा जरूरत पूरी करने लायक भंडारण क्षमता उपलब्ध है। सरकार आने वाले समय में इस भंडार को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
युद्ध के बीच बढ़ाई घरेलू उत्पादन क्षमता
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले देश की बड़ी मात्रा में रसोई गैस हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाया गया है।
रसोई गैस उत्पादन में बड़ा इजाफा
सरकार के मुताबिक, देश में गैस उत्पादन क्षमता 36 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन कर दी गई है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर देश की जनता पर कम से कम पड़े।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

