Sunday, May 31, 2026

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पाकिस्तान में ढेर हुआ पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड! मोस्ट वांटेड हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 21 May 2026 at 10:37 AM

पुलवामा हमले से जुड़े मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल हमजा बुरहान उर्फ अरजमंद गुलजार डार की पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद करीब से कई गोलियां चलाईं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने हत्या में शामिल एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, अभी तक उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।

अल-बद्र का बड़ा कमांडर था हमजा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान अल-बद्र आतंकी संगठन का बड़ा कमांडर था। उसका असली नाम अरजमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर बताया जाता है। वह लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था और दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का काम करता था।

सात साल पहले गया था पाकिस्तान
जानकारी के मुताबिक, अरजमंद गुलजार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। करीब सात साल पहले वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान पहुंचा था। वहां जाकर उसने अल-बद्र संगठन जॉइन किया और धीरे-धीरे संगठन का ऑपरेशनल कमांडर बन गया।

कश्मीर में चलाता था भर्ती और फंडिंग नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह पाकिस्तान में बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करता था। पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा समेत कई इलाकों में उसका नेटवर्क सक्रिय बताया जाता था।

गृह मंत्रालय ने घोषित किया था आतंकवादी
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में अरजमंद गुलजार डार को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। एजेंसियों के अनुसार, वह युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल कराने और आतंक फैलाने के लिए आर्थिक मदद जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाता था कट्टरपंथ
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अरजमंद गुलजार सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को भड़काने का काम करता था। उस पर आरोप था कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को हथियार उठाने और आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाता था।

कई आतंकी मामलों में सामने आया था नाम
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट में उसका नाम हथियार सप्लाई, विस्फोटक बरामदगी, ग्रेनेड हमलों और आतंकी भर्ती जैसे कई मामलों में सामने आ चुका था। लंबे समय से वह भारतीय एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

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पाकिस्तान में ढेर हुआ पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड! मोस्ट वांटेड हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 21 May 2026 at 10:37 AM

पुलवामा हमले से जुड़े मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल हमजा बुरहान उर्फ अरजमंद गुलजार डार की पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद करीब से कई गोलियां चलाईं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने हत्या में शामिल एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, अभी तक उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।

अल-बद्र का बड़ा कमांडर था हमजा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान अल-बद्र आतंकी संगठन का बड़ा कमांडर था। उसका असली नाम अरजमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर बताया जाता है। वह लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था और दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का काम करता था।

सात साल पहले गया था पाकिस्तान
जानकारी के मुताबिक, अरजमंद गुलजार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। करीब सात साल पहले वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान पहुंचा था। वहां जाकर उसने अल-बद्र संगठन जॉइन किया और धीरे-धीरे संगठन का ऑपरेशनल कमांडर बन गया।

कश्मीर में चलाता था भर्ती और फंडिंग नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह पाकिस्तान में बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करता था। पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा समेत कई इलाकों में उसका नेटवर्क सक्रिय बताया जाता था।

गृह मंत्रालय ने घोषित किया था आतंकवादी
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में अरजमंद गुलजार डार को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। एजेंसियों के अनुसार, वह युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल कराने और आतंक फैलाने के लिए आर्थिक मदद जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाता था कट्टरपंथ
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अरजमंद गुलजार सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को भड़काने का काम करता था। उस पर आरोप था कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को हथियार उठाने और आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाता था।

कई आतंकी मामलों में सामने आया था नाम
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट में उसका नाम हथियार सप्लाई, विस्फोटक बरामदगी, ग्रेनेड हमलों और आतंकी भर्ती जैसे कई मामलों में सामने आ चुका था। लंबे समय से वह भारतीय एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

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