Sunday, May 31, 2026

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Trump Iran Tension: बातचीत ठप, ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी तेज की, तेल बाजार में बढ़ी बेचैनी

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 29 April 2026 at 09:07 AM

अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत थमने के बाद वॉशिंगटन ने तेहरान पर दबाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर नई रणनीति को मंजूरी दी।

ईरान की अर्थव्यवस्था पर निशाना
बताया जा रहा है कि अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर दबाव बनाए रखना चाहता है। इसी योजना के तहत ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही सीमित करने या रोकने की रणनीति अपनाई गई है।

परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप अभी भी अपनी उस मांग पर कायम हैं जिसमें ईरान से कम से कम 20 वर्षों तक परमाणु संवर्धन रोकने की शर्त रखी गई है। साथ ही आगे भी कड़े प्रतिबंधों को स्वीकार करने की बात कही गई है।

ईरान के प्रस्ताव पर जताया अविश्वास
सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने सहयोगियों से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता बाद में करने का ईरान का तीन चरणों वाला प्रस्ताव भरोसेमंद नहीं दिखता। उनका मानना है कि ईरान पूरी नीयत से बातचीत नहीं कर रहा।

व्हाइट हाउस ने क्या कहा
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि बंदरगाहों की घेराबंदी के बाद अमेरिका अब मजबूत स्थिति में है।

तेल और गैस बाजार पर असर
घेराबंदी लंबी चलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गैस कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसका असर घरेलू राजनीति और चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम है
28 फरवरी के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ने के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री परिवहन काफी घट गया है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

International

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Trump Iran Tension: बातचीत ठप, ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी तेज की, तेल बाजार में बढ़ी बेचैनी

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 29 April 2026 at 09:07 AM

अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत थमने के बाद वॉशिंगटन ने तेहरान पर दबाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर नई रणनीति को मंजूरी दी।

ईरान की अर्थव्यवस्था पर निशाना
बताया जा रहा है कि अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर दबाव बनाए रखना चाहता है। इसी योजना के तहत ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही सीमित करने या रोकने की रणनीति अपनाई गई है।

परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप अभी भी अपनी उस मांग पर कायम हैं जिसमें ईरान से कम से कम 20 वर्षों तक परमाणु संवर्धन रोकने की शर्त रखी गई है। साथ ही आगे भी कड़े प्रतिबंधों को स्वीकार करने की बात कही गई है।

ईरान के प्रस्ताव पर जताया अविश्वास
सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने सहयोगियों से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता बाद में करने का ईरान का तीन चरणों वाला प्रस्ताव भरोसेमंद नहीं दिखता। उनका मानना है कि ईरान पूरी नीयत से बातचीत नहीं कर रहा।

व्हाइट हाउस ने क्या कहा
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि बंदरगाहों की घेराबंदी के बाद अमेरिका अब मजबूत स्थिति में है।

तेल और गैस बाजार पर असर
घेराबंदी लंबी चलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गैस कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसका असर घरेलू राजनीति और चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम है
28 फरवरी के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ने के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री परिवहन काफी घट गया है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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