By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 26 May 2026 at 05:59 PM
उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पूरी बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। अगर किसी पावर स्टेशन पर तकनीकी कारणों से शटडाउन हो रहा है तो विभाग को काम करने का मौका भी मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद बिजली व्यवस्था की समीक्षा बैठक की है और विभाग लगातार हालात सुधारने में जुटा हुआ है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिजली संकट से निपटने की जिम्मेदारी सिर्फ पावर कॉरपोरेशन की नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की भी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस समय सभी को मिलकर सहयोग करना चाहिए ताकि व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने इसे नागरिक दायित्व बताते हुए कहा कि जनता और विभाग दोनों को साथ मिलकर काम करना होगा।
समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए समाजवादी पार्टी के पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज ऊर्जा संकट पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं जिनके समय में बिजली व्यवस्था बेहद खराब थी।
योगी ने कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि बिजली के तारों पर लोग कपड़े सुखाते थे क्योंकि बिजली आती ही नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अलग-अलग जिलों में बारी-बारी से बिजली दी जाती थी।
लखनऊ में 413 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लखनऊ नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली कई जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों को लेकर सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
गमला चोरी की घटना का किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शहर को सुंदर बनाने के लिए लगाए गए गमले तक चोरी हो रहे हैं।
योगी ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सीसीटीवी कैमरों में एक महंगी कार से आए लोगों को गमला चोरी करते देखा गया।
‘ढाई करोड़ की कार, लेकिन चोरी 45 रुपये के गमले की’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कार से लोग गमला चोरी करने आए थे उसकी कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये थी, लेकिन उन्होंने सिर्फ 45 रुपये का गमला उठा लिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जितना तेल और मेहनत चोरी में लगी, उतने में नया गमला खरीदा जा सकता था।
उन्होंने यह भी कहा कि एक समय उनके मन में आया था कि ऐसे लोगों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए ताकि लोग सबक ले सकें।

