By Malay Ojha | Published: 22 October 2026 at 08:13 PM
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी विभाग के प्रो. निरंजन सहाय को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना के लिए आमंत्रित किया है। वह 28 से 30 अक्टूबर तक नई दिल्ली में होने वाली तीन दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदी शिक्षण की स्थिति का अध्ययन करने के लिए शोध उपकरण तैयार करने और उनकी समीक्षा में सहयोग देंगे।
पूर्वोत्तर में हिंदी शिक्षण की स्थिति पर होगा अध्ययन
यह बैठक NCERT की PAC Code 2.01 परियोजना के तहत आयोजित की जा रही है। इसमें पूर्वोत्तर राज्यों के मिडिल और सेकेंडरी स्तर के हिंदी शिक्षकों के नजरिए से हिंदी शिक्षण की मौजूदा स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 में भाषा शिक्षण से जुड़े प्रावधानों को लेकर शिक्षकों की समझ का भी आकलन किया जाएगा।
शोध उपकरण तैयार करने में देंगे सुझाव
परियोजना के तहत अध्ययन के लिए जरूरी शोध उपकरणों को तैयार करने और उनकी वैधता की जांच यानी वेटिंग की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रो. निरंजन सहाय इस काम में अपने अकादमिक अनुभव के आधार पर सुझाव देंगे। शोध के जरिए हिंदी शिक्षण की चुनौतियों और उसे बेहतर बनाने की संभावनाओं को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
28 से 30 अक्टूबर तक नई दिल्ली में बैठक
NCERT के भाषा शिक्षा विभाग के परियोजना समन्वयक डॉ. नीलकंठ कुमार की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, बैठक नई दिल्ली स्थित NCERT के डेक भवन के हिंदी प्रकोष्ठ में होगी। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में शोध की रूपरेखा और अध्ययन में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर भी रहेगा जोर
इस शोध परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदी भाषा शिक्षण की स्थिति को समझना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करना है। प्रो. सहाय की भागीदारी से इस शोध कार्य में काशी विद्यापीठ के हिंदी विभाग का अकादमिक योगदान भी सामने आएगा।
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