By Malay Ojha | Published: 20 October 2026 at 09:57 PM
वाराणसी। काशी के दशाश्वमेध घाट पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मां गंगा की विश्व प्रसिद्ध आरती एक बार फिर अपने पारंपरिक स्थान पर हुई। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पिछले 64 दिनों से गंगा सेवा निधि की छत पर हो रही आरती अब घाट पर लौट आई है। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मां गंगा की आरती में शामिल हुए।
घंट-घड़ियाल की गूंज से भक्तिमय हुआ दशाश्वमेध घाट
मां गंगा की आरती के दौरान घंट-घड़ियाल की गूंज से दशाश्वमेध घाट का माहौल भक्तिमय हो गया। आरती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पारंपरिक स्थान पर आरती का आयोजन होने से घाट पर पहले जैसी रौनक देखने को मिली।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से छत पर हो रही थी आरती
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा और परिस्थितियों को देखते हुए पिछले 64 दिनों से मां गंगा की आरती निधि के कार्यालय की छत पर आयोजित की जा रही थी। जलस्तर की स्थिति के बीच आरती की परंपरा लगातार जारी रखी गई।
अपने पारंपरिक स्थान पर लौटी आरती
मंगलवार को आरती का आयोजन फिर से दशाश्वमेध घाट पर निर्धारित स्थान पर किया गया। काशी की धार्मिक पहचान से जुड़ी इस आरती में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में बाहर से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए। दशाश्वमेध घाट पर आरती की वापसी से गंगा किनारे एक बार फिर भव्य और भक्तिमय नजारा देखने को मिला।
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