By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 16 May 2026 at 12:58 PM
NEET-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने पुणे की बॉटनी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार, मनीषा पर बायोलॉजी पेपर लीक नेटवर्क का अहम हिस्सा होने का आरोप है।
जांच एजेंसी का कहना है कि मनीषा मंडारे को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने NEET-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर शामिल किया था। उन्हें बॉटनी और जूलॉजी विषय के प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। इसी आधार पर अब उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी थीं आरोपी
कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, मनीषा पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने कथित तौर पर कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले विशेष क्लास दी थी।
छात्रों को पहले से सवाल समझाने का आरोप
सीबीआई के मुताबिक, अप्रैल 2026 में पुणे में कुछ अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर बॉटनी और जूलॉजी के महत्वपूर्ण सवाल समझाए गए। छात्रों को नोटबुक में सवाल लिखवाने और किताबों में विशेष हिस्सों को चिन्हित कराने की बात भी सामने आई है।
असली परीक्षा से सवाल मिलने का दावा
जांच एजेंसी का दावा है कि विशेष क्लास में बताए गए कई सवाल 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक NEET-यूजी परीक्षा में पूछे गए थे। इसी आधार पर पेपर लीक की आशंका और मजबूत हुई है।
कई राज्यों में सीबीआई की छापेमारी
पिछले 24 घंटों के दौरान सीबीआई ने देशभर में छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक रिकॉर्ड और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एजेंसी फिलहाल डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा हुई थी रद्द
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-यूजी परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई थी। इस मामले ने देशभर के लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। अब सीबीआई लगातार कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

