By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 16 May 2026 at 05:56 AM
NEET-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है. जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला किसी बड़े संगठित सिंडिकेट से जुड़ा नहीं था, बल्कि एक केमिस्ट्री लेक्चरर ने अपने कोचिंग सेंटर को लोकप्रिय बनाने के लिए पूरी साजिश रची थी. आरोप है कि उसने परीक्षा में आने वाले सवाल और उनके सही जवाब पहले से चुनिंदा छात्रों को बताए थे.
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, आरोपी पीवी कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमरे की मदद से पुणे स्थित घर में विशेष क्लास चलाए थे. इन क्लासों में छात्रों को कथित तौर पर परीक्षा में आने वाले सवाल, विकल्प और उनके सही जवाब विस्तार से समझाए गए. इसके बदले छात्रों से भारी रकम वसूली गई थी.
एक छात्र ने ही खोल दी पूरे खेल की पोल
जांच में सामने आया कि आरोपी के एक छात्र ने अपने पैसों की भरपाई करने के लिए कथित गेस पेपर को सोशल मीडिया के जरिए दूसरे कोचिंग संचालकों तक पहुंचा दिया. इसके बाद यह सामग्री तेजी से सैकड़ों लोगों तक फैल गई. हालांकि कई छात्रों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन परीक्षा के बाद जब वही सवाल असली पेपर में मिले तो पूरे मामले पर शक गहरा गया.
असली परीक्षा से मेल खाए सवाल
बताया जा रहा है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे गए कई सवाल 3 मई 2026 को आयोजित NEET-यूजी परीक्षा के प्रश्नों से पूरी तरह मेल खाते पाए गए. इसी के बाद मामले ने बड़ा रूप लिया और शिकायत दर्ज कराई गई.
कई राज्यों में सीबीआई की छापेमारी
सीबीआई ने मामले की जांच के लिए कई राज्यों में विशेष टीमें बनाकर छापेमारी की. एजेंसी ने आरोपियों के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. बरामद सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा गया है.
7 आरोपी गिरफ्तार, कई शहरों में कार्रवाई
अब तक इस मामले में 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरफ्तारियां जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और अहमदाबाद समेत कई शहरों से हुई हैं. गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर राजधानी लाया जा रहा है.
शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
यह मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया गया था. शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने NEET-यूजी पेपर लीक को लेकर शिकायत दी थी. शिकायत मिलते ही सीबीआई ने देशभर में जांच शुरू कर दी.
अब मनी ट्रेल की भी होगी जांच
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि जांच में पेपर लीक के स्रोत और छात्रों को जोड़ने वाले बिचौलियों की पहचान कर ली गई है. एजेंसी अब इस मामले की वित्तीय जांच भी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पूरे नेटवर्क में पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ.

