By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 15 May 2026 at 05:14 PM
देश के सबसे बड़े और पुराने कारोबारी समूहों में शामिल बजाज ग्रुप ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं. इस खास मौके पर समूह ने शताब्दी समारोह का आयोजन किया, जहां उद्योग जगत और समाज में उसके योगदान को याद किया गया.
बजाज ग्रुप के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह और बजाज परिवार को बधाई दी. उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए सौ वर्षों का सफर बेहद खास होता है, क्योंकि यह केवल लंबे समय तक टिके रहने की नहीं बल्कि समय के साथ खुद को बदलने और समाज के लिए उपयोगी बने रहने की पहचान भी है.
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी रही है विरासत
बजाज ग्रुप की शुरुआत वर्ष 1926 में जमनालाल बजाज ने मुंबई में की थी. यह वही दौर था जब देश स्वतंत्रता आंदोलन से गुजर रहा था. समय के साथ यह समूह देश के औद्योगिक विकास का बड़ा हिस्सा बन गया और आज करोड़ों लोगों के जीवन से जुड़ा हुआ है.
हर तीसरे भारतीय घर तक पहुंच
समूह का दावा है कि आज उसके उत्पाद और सेवाएं देश के हर तीन में से एक घर तक पहुंचती हैं. बजाज ग्रुप में वर्तमान समय में 1 लाख 30 हजार से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं और समूह का कारोबार दुनिया के 100 से अधिक देशों तक फैला हुआ है.
कई बड़े क्षेत्रों में मजबूत पहचान
बजाज ग्रुप ने ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाएं, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. समूह की प्रमुख कंपनियों में बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, बजाज इलेक्ट्रिकल्स और मुकंद शामिल हैं.
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी बढ़ाएगा कदम
समूह अब स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बजाज ग्रुप नए क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर कारोबार का विस्तार कर सकता है.
लॉन्च किया गया ‘100 इयर्स ऑफ बजाज’ लोगो
शताब्दी समारोह के दौरान ‘100 इयर्स ऑफ बजाज’ लोगो का भी अनावरण किया गया. यह लोगो समूह की 100 वर्षों की यात्रा और उसकी उपलब्धियों को दर्शाता है. समारोह में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और कई उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
राजीव बजाज ने भरोसे को बताया सबसे बड़ी ताकत
बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसका भरोसा होता है. उन्होंने कहा कि बजाज समूह ने हमेशा वही करने की कोशिश की जो उसने लोगों से कहा और इसी वजह से यह केवल विकास की नहीं बल्कि विश्वास की भी कहानी बन गई.

