By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 21 May 2026 at 08:42 AM
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी मामले में बड़ी राहत मिली है। Calcutta High Court ने फिलहाल उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी पर नाराजगी भी जताई। विशेष रूप से “दिल्ली के गॉडफादर” जैसे शब्दों को लेकर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति दर्ज की और कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
चुनावी सभा के बयान से जुड़ा है मामला
पूरा विवाद चुनावी रैली में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन के दौरान अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इसी मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में एफआईआर रद्द कराने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
31 जुलाई तक राहत, गिरफ्तारी पर रोक
हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस मामले में अभिषेक बनर्जी से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने 31 जुलाई तक उनके खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
जांच में सहयोग करना होगा
अदालत ने राहत देते हुए कुछ अहम शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अभिषेक बनर्जी को जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करना होगा और पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देना अनिवार्य होगा।
विदेश यात्रा पर भी लगी शर्त
हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बिना अदालत की अनुमति के अभिषेक बनर्जी देश से बाहर यात्रा नहीं कर सकेंगे। अदालत ने जांच अधिकारी को मामले की जांच जारी रखने और तथ्यों को सामने लाने का निर्देश दिया है।
सहयोग नहीं करने पर पुलिस दे सकेगी जानकारी
कोर्ट ने पुलिस को यह छूट भी दी है कि यदि अभिषेक बनर्जी जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो इसकी जानकारी अदालत को दी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई अब निर्धारित तारीख पर होगी।

