By Malay Ojha | Published: 21 May 2026 at 05:04 PM
बकरीद से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पशु बलि को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पशु बलि पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ कहा कि गाय की कुर्बानी इस्लाम या बकरीद का अनिवार्य हिस्सा नहीं मानी जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए पशु बलि पर सीमित प्रतिबंध लगा सकती है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सार्वजनिक और खुले स्थानों पर पशु बलि तथा वध पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अदालत के मुताबिक केवल तय और सुरक्षित स्थानों पर ही कुर्बानी की अनुमति दी जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक परंपराओं के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
खुले में कुर्बानी पर सख्ती
अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी नियमों को सही ठहराते हुए कहा कि खुले इलाकों में पशु वध से कानून व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़े मुद्दे पैदा हो सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन को सख्त निगरानी रखने का अधिकार है।
सरकार के नियमों को मिली राहत
पश्चिम बंगाल सरकार ने त्योहारों के दौरान पशु वध को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत बिना फिटनेस प्रमाण पत्र वाले पशुओं की बलि पर रोक लगाई गई है। साथ ही पशु वध से पहले मेडिकल जांच और अधिकारियों से अनुमति लेना भी जरूरी किया गया है।
फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी
सरकार के नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि केवल उन्हीं पशुओं की कुर्बानी दी जा सकेगी जिन्हें सक्षम अधिकारियों से फिट घोषित किया गया हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
याचिकाकर्ताओं की क्या मांग थी
याचिकाकर्ताओं ने पशु वध नियंत्रण कानून 1950 के तहत त्योहारों में विशेष छूट देने की मांग की थी। उनका कहना था कि धार्मिक अवसरों पर पारंपरिक तरीके से कुर्बानी की अनुमति मिलनी चाहिए। हालांकि राज्य सरकार और केंद्र की ओर से अदालत में इसका विरोध किया गया।
कोर्ट ने धार्मिक प्रथाओं पर भी कही बड़ी बात
हाईकोर्ट ने मंदिरों में होने वाली सामूहिक पशु बलि पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि किसी धार्मिक प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाना उचित नहीं होगा और इसे पूरे देश को शाकाहारी बनाने की सोच से नहीं देखा जा सकता।
प्रशासन को निगरानी के निर्देश
अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही केवल निर्धारित स्थानों पर ही पशु वध की अनुमति सुनिश्चित की जाए ताकि कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनी रहे।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

