Sunday, May 31, 2026

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होर्मुज खोलने पर अमेरिका-ईरान में बड़ी डील! तेल बाजार को राहत के संकेत

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 27 May 2026 at 07:15 PM

मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक शुरुआती अनौपचारिक समझौते का मसौदा तैयार हुआ है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में सहमति बन सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ईरान के आसपास लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए तैयार हो सकता है। इसके बदले में ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को पहले की तरह सामान्य करने पर सहमत हुआ है।

ईरान के सरकारी टीवी ने किया बड़ा दावा
ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि उसके पास दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते का शुरुआती मसौदा मौजूद है। इस मसौदे में यह भी कहा गया है कि अमेरिका क्षेत्र से अपनी कुछ सैन्य मौजूदगी कम करेगा और समुद्री नाकेबंदी समाप्त करेगा। हालांकि युद्धपोतों की तैनाती को लेकर अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है।

जहाजों की निगरानी को लेकर मतभेद बरकरार
मसौदे में यह भी बताया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की निगरानी और संचालन को लेकर ईरान और ओमान के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने साफ किया है कि वह बिना ठोस भरोसे और सत्यापन के कोई बड़ा कदम नहीं उठाएगा।

संयुक्त राष्ट्र में भी जा सकता है प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार अगर अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में पेश किया जा सकता है। ऐसा होने पर दोनों देशों को इस समझौते का पालन करना होगा।

पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
बताया जा रहा है कि फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत लगातार जारी थी। इस दौरान पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर दुनिया की नजर
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण पिछले कई महीनों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई थी। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की संभावना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत की उम्मीद बढ़ गई है।

भारत समेत कई देशों को मिल सकती है राहत
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में समुद्री रास्ता खुलने से तेल आपूर्ति और कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

14 सूत्रीय समझौते पर भी चल रही चर्चा
हाल की कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया था कि दोनों देश 14 बिंदुओं वाले व्यापक समझौते पर काम कर रहे हैं। इसमें प्रतिबंधों में ढील, ईरान की जब्त संपत्तियों की वापसी और तेल निर्यात को फिर से शुरू करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

ट्रंप ने भी दिए थे समझौते के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ समझौता काफी हद तक तय हो चुका है। उन्होंने संकेत दिए थे कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि अंतिम समझौते से पहले अमेरिका जल्दबाजी नहीं करेगा।

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होर्मुज खोलने पर अमेरिका-ईरान में बड़ी डील! तेल बाजार को राहत के संकेत

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 27 May 2026 at 07:15 PM

मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक शुरुआती अनौपचारिक समझौते का मसौदा तैयार हुआ है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में सहमति बन सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ईरान के आसपास लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए तैयार हो सकता है। इसके बदले में ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को पहले की तरह सामान्य करने पर सहमत हुआ है।

ईरान के सरकारी टीवी ने किया बड़ा दावा
ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि उसके पास दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते का शुरुआती मसौदा मौजूद है। इस मसौदे में यह भी कहा गया है कि अमेरिका क्षेत्र से अपनी कुछ सैन्य मौजूदगी कम करेगा और समुद्री नाकेबंदी समाप्त करेगा। हालांकि युद्धपोतों की तैनाती को लेकर अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है।

जहाजों की निगरानी को लेकर मतभेद बरकरार
मसौदे में यह भी बताया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की निगरानी और संचालन को लेकर ईरान और ओमान के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने साफ किया है कि वह बिना ठोस भरोसे और सत्यापन के कोई बड़ा कदम नहीं उठाएगा।

संयुक्त राष्ट्र में भी जा सकता है प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार अगर अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में पेश किया जा सकता है। ऐसा होने पर दोनों देशों को इस समझौते का पालन करना होगा।

पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
बताया जा रहा है कि फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत लगातार जारी थी। इस दौरान पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर दुनिया की नजर
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण पिछले कई महीनों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई थी। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की संभावना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत की उम्मीद बढ़ गई है।

भारत समेत कई देशों को मिल सकती है राहत
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में समुद्री रास्ता खुलने से तेल आपूर्ति और कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

14 सूत्रीय समझौते पर भी चल रही चर्चा
हाल की कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया था कि दोनों देश 14 बिंदुओं वाले व्यापक समझौते पर काम कर रहे हैं। इसमें प्रतिबंधों में ढील, ईरान की जब्त संपत्तियों की वापसी और तेल निर्यात को फिर से शुरू करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

ट्रंप ने भी दिए थे समझौते के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ समझौता काफी हद तक तय हो चुका है। उन्होंने संकेत दिए थे कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि अंतिम समझौते से पहले अमेरिका जल्दबाजी नहीं करेगा।

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