Sunday, May 31, 2026

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ट्रंप-नेतन्याहू में फोन पर तीखी बहस! ईरान समझौते को लेकर बढ़ा तनाव, आधे घंटे तक चली हॉट टॉक

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 21 May 2026 at 06:44 AM

ईरान परमाणु समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर तीखी बहस की खबर सामने आई है. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत आधे घंटे से ज्यादा चली, जिसमें ईरान और मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर जमकर मतभेद देखने को मिले.

सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू को क्षेत्र में युद्ध को और आगे न बढ़ाने की सलाह दी थी. इसी मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच माहौल गर्म हो गया. बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने ईरान पर भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया.

नेतन्याहू बोले- ईरान समय बर्बाद कर रहा
इजराइली प्रधानमंत्री का कहना था कि ईरान बातचीत के नाम पर समय हासिल करना चाहता है ताकि वह भविष्य में फिर से सैन्य तैयारी मजबूत कर सके. नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि युद्ध जैसे फैसले बार-बार नहीं लिए जाते और यह मौका गंवाना खतरनाक हो सकता है.

ट्रंप ने कूटनीति को बताया जरूरी रास्ता
नेतन्याहू की बात सुनने के बाद ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि मिडिल ईस्ट में केवल इजराइल ही अमेरिका की प्राथमिकता नहीं है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई देशों से बातचीत हुई है और अधिकतर देश युद्ध नहीं बल्कि समाधान चाहते हैं.

‘बातचीत में समय लगता है’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से कहा कि कूटनीति की प्रक्रिया लंबी होती है और किसी भी समझौते तक पहुंचने में समय लगता है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल सैन्य टकराव की बजाय वार्ता को प्राथमिकता देना चाहता है.

युद्ध खत्म करने के लिए तैयार हो रहा प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक कतर समेत कई मध्यस्थ देशों की मदद से एक ऐसे दस्तावेज पर काम चल रहा है, जिस पर अमेरिका और ईरान दोनों हस्ताक्षर कर सकते हैं. इसका मकसद क्षेत्र में औपचारिक युद्धविराम और तनाव कम करना बताया जा रहा है.

बातचीत के बाद नाराज दिखे नेतन्याहू
सूत्रों का दावा है कि फोन कॉल खत्म होने के बाद नेतन्याहू काफी नाराज थे. माना जा रहा है कि ईरान को लेकर अमेरिका के नरम रुख से इजराइल असहज महसूस कर रहा है.

समझौते में ईरान का पलड़ा भारी?
मिडिल ईस्ट के जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में फिलहाल ईरान की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है. अगर समझौता आगे बढ़ता है तो क्षेत्रीय राजनीति में इजराइल की चिंताएं बढ़ सकती हैं.

घरेलू राजनीति में भी दबाव झेल रहे नेतन्याहू
इजराइल के भीतर भी नेतन्याहू को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. विपक्षी दल लगातार उनकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं. कई नेता युद्ध की रणनीति को लेकर खुलकर आलोचना कर चुके हैं.

युद्ध से राजनीतिक फायदा तलाशने की कोशिश?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू मौजूदा हालात को राजनीतिक अवसर में बदलना चाहते हैं. माना जा रहा है कि ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर वह अपनी लोकप्रियता मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

मिडिल ईस्ट में बढ़ सकती है नई हलचल
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की राजनीति को और प्रभावित कर सकता है. पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बातचीत आगे बढ़ती है या क्षेत्र फिर किसी बड़े टकराव की तरफ जाता है.

International

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ट्रंप-नेतन्याहू में फोन पर तीखी बहस! ईरान समझौते को लेकर बढ़ा तनाव, आधे घंटे तक चली हॉट टॉक

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 21 May 2026 at 06:44 AM

ईरान परमाणु समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर तीखी बहस की खबर सामने आई है. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत आधे घंटे से ज्यादा चली, जिसमें ईरान और मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर जमकर मतभेद देखने को मिले.

सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू को क्षेत्र में युद्ध को और आगे न बढ़ाने की सलाह दी थी. इसी मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच माहौल गर्म हो गया. बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने ईरान पर भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया.

नेतन्याहू बोले- ईरान समय बर्बाद कर रहा
इजराइली प्रधानमंत्री का कहना था कि ईरान बातचीत के नाम पर समय हासिल करना चाहता है ताकि वह भविष्य में फिर से सैन्य तैयारी मजबूत कर सके. नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि युद्ध जैसे फैसले बार-बार नहीं लिए जाते और यह मौका गंवाना खतरनाक हो सकता है.

ट्रंप ने कूटनीति को बताया जरूरी रास्ता
नेतन्याहू की बात सुनने के बाद ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि मिडिल ईस्ट में केवल इजराइल ही अमेरिका की प्राथमिकता नहीं है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई देशों से बातचीत हुई है और अधिकतर देश युद्ध नहीं बल्कि समाधान चाहते हैं.

‘बातचीत में समय लगता है’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से कहा कि कूटनीति की प्रक्रिया लंबी होती है और किसी भी समझौते तक पहुंचने में समय लगता है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल सैन्य टकराव की बजाय वार्ता को प्राथमिकता देना चाहता है.

युद्ध खत्म करने के लिए तैयार हो रहा प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक कतर समेत कई मध्यस्थ देशों की मदद से एक ऐसे दस्तावेज पर काम चल रहा है, जिस पर अमेरिका और ईरान दोनों हस्ताक्षर कर सकते हैं. इसका मकसद क्षेत्र में औपचारिक युद्धविराम और तनाव कम करना बताया जा रहा है.

बातचीत के बाद नाराज दिखे नेतन्याहू
सूत्रों का दावा है कि फोन कॉल खत्म होने के बाद नेतन्याहू काफी नाराज थे. माना जा रहा है कि ईरान को लेकर अमेरिका के नरम रुख से इजराइल असहज महसूस कर रहा है.

समझौते में ईरान का पलड़ा भारी?
मिडिल ईस्ट के जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में फिलहाल ईरान की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है. अगर समझौता आगे बढ़ता है तो क्षेत्रीय राजनीति में इजराइल की चिंताएं बढ़ सकती हैं.

घरेलू राजनीति में भी दबाव झेल रहे नेतन्याहू
इजराइल के भीतर भी नेतन्याहू को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. विपक्षी दल लगातार उनकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं. कई नेता युद्ध की रणनीति को लेकर खुलकर आलोचना कर चुके हैं.

युद्ध से राजनीतिक फायदा तलाशने की कोशिश?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू मौजूदा हालात को राजनीतिक अवसर में बदलना चाहते हैं. माना जा रहा है कि ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर वह अपनी लोकप्रियता मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

मिडिल ईस्ट में बढ़ सकती है नई हलचल
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की राजनीति को और प्रभावित कर सकता है. पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बातचीत आगे बढ़ती है या क्षेत्र फिर किसी बड़े टकराव की तरफ जाता है.

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