By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 09 May 2026 at 11:34 PM
59 साल बाद टूटा डीएमके-एआईएडीएमके का किला! अभिनेता विजय बने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री
तमिलनाडु की राजनीति में आज ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाल ली। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में विजय ने राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ नौ विधायकों ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
राज्य में करीब छह दशक बाद ऐसा हुआ है, जब डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा किसी तीसरी पार्टी ने सरकार बनाई है। इससे पहले साल 1967 से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से इन दोनों दलों के इर्द-गिर्द ही घूमती रही थी। विजय की पार्टी टीवीके ने इस राजनीतिक समीकरण को पूरी तरह बदल दिया।
शपथ ग्रहण समारोह में दिखी विपक्षी एकजुटता
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान कई बड़े राजनीतिक चेहरे समारोह में मौजूद रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। विजय के समर्थन में कई विपक्षी दल खुलकर सामने आए, जिसने सरकार गठन का रास्ता आसान बना दिया।
राज्यपाल को सौंपा था समर्थन पत्र
सरकार बनाने से पहले विजय ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया और 13 मई 2026 तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का समय दिया।
इन दलों ने दिया विजय को समर्थन
टीवीके को कांग्रेस, भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल का समर्थन मिला है। चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी विजय की पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतीं। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद सरकार के पक्ष में कुल 120 विधायक हो गए, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी।
चुनाव नतीजों ने बदल दिया पूरा समीकरण
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया। डीएमके को 59 सीटें और एआईएडीएमके को 47 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। दो साल पुरानी पार्टी का इतना बड़ा प्रदर्शन राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
विजय की जीत को क्यों माना जा रहा ऐतिहासिक?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता और युवाओं के बीच मजबूत पकड़ ने टीवीके को बड़ी ताकत दी। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने कम समय में खुद को बड़े जननेता के रूप में स्थापित किया है। उनकी जीत को तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

