By Malay Ojha | Published: 22 October 2026 at 10:57 AM
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगले दो से पांच महीनों के भीतर देश में कुछ बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। उन्होंने यहां तक आशंका जताई कि एक समय ऐसा भी आ सकता है, जब देश में प्रधानमंत्री का पद खाली रह जाए। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस विवरण नहीं दिया।
मुंबई प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज ठाकरे ने लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया, EVM, छात्रों के आंदोलन और सरकारी संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि इस विषय पर उनकी राउत से चर्चा हुई है।
‘देश की जनता सड़कों पर उतरी तो हैरानी नहीं होगी’
राज ठाकरे ने कहा कि सरकार अगर लगातार गलतियां करती रही और जनता का गुस्सा बढ़ता गया, तो आने वाले समय में लोग विरोध जताने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में देश में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह राज ठाकरे का राजनीतिक आकलन है, न कि किसी घोषित सत्ता परिवर्तन की पुष्टि।
‘भारत में लोकतंत्र कहां है?’
देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाते हुए मनसे प्रमुख ने अमेरिका का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं की खुलकर आलोचना की जा सकती है, जबकि भारत में विरोध की आवाजों पर कार्रवाई की जा रही है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्र संस्थाओं की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
NEET आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर BJP पर निशाना
छात्रों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शामिल कर माहौल बिगाड़ा गया।
राज ठाकरे ने सवाल किया कि BJP अपने पुराने आंदोलनों का इतिहास क्यों भूल रही है। उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि प्रदर्शनकारी छात्रों को BJP के पुराने आंदोलनों की तस्वीरें दिखानी चाहिए, ताकि उन्हें भी समझ आ सके कि विरोध प्रदर्शन राजनीति का हिस्सा रहे हैं।
EVM छोड़ बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
राज ठाकरे ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए एक बार फिर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि वह 2018 से इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं और चुनाव आयुक्तों से भी इस विषय पर मुलाकात कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत या हार अलग बात है, लेकिन मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट उसी उम्मीदवार को गया है, जिसे उसने चुना था। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
राज ठाकरे ने दूसरे देशों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल का हवाला देते हुए कहा कि जब कई देशों में इस व्यवस्था से चुनाव कराए जाते हैं, तो भारत में भी इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव नतीजों में कुछ दिन की देरी को बड़ी समस्या मानने से इनकार किया और कहा कि जल्द नतीजे घोषित करने से ज्यादा जरूरी चुनाव की पारदर्शिता है।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर न्यायिक संस्थाओं से सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मुद्दा उठाते हुए राज ठाकरे ने सरकारी और न्यायिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश में यह विचार करने की जरूरत है कि वास्तव में कौन-सी संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग मामलों में कार्रवाई और न्यायिक फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। राज ठाकरे ने न्यायिक संस्थाओं से भी अपने फैसलों की प्रकृति पर विचार करने की बात कही। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों के साथ होने वाली कार्रवाई पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
इस मामले में एक अहम अपडेट: 21 अक्टूबर को ही विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई का आदेश दिया था। दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में रखा गया था।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

