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बिहार में 11 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को मिलेगा पक्का घर, 2.35 लाख आवासों का गृह प्रवेश

By Malay Ojha | Published: 20 August 2026 at 05:48 PM

बिहार में पक्के घर का इंतजार कर रहे गरीब परिवारों के लिए बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, इस अवधि में पूरे हुए करीब 2 लाख 35 हजार आवासों का गृह प्रवेश कार्यक्रम पटना में आयोजित किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मदद से गांवों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का मौका मिल रहा है।

पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पूरे हुए 2 लाख 35 हजार मकानों के गृह प्रवेश का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाभुकों को आवास की चाबी सौंपी। इसके साथ ही नए चयनित लाभुकों को मकान निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र भी दिए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि किसी गरीब परिवार के लिए अपना पक्का घर केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा सपना होता है।

बिहार के लिए 11.18 लाख घरों का लक्ष्य
संजय सरावगी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के ग्रामीण इलाकों के लिए 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 13,427 करोड़ रुपये की सहायता दिए जाने की बात कही गई है। इससे गांवों में रहने वाले बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की राज्यवार प्रगति को लेकर केंद्र सरकार भी लगातार आंकड़े जारी करती रही है।

घर के साथ दूसरी सुविधाओं पर भी जोर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल मकान बनाकर देने तक सीमित नहीं है। पक्का घर मिलने के बाद गरीब परिवारों को शौचालय, बिजली, पानी और रसोई गैस जैसी जरूरी सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जब परिवार को रहने के लिए सुरक्षित घर मिलता है और साथ में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं, तो उसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा और पूरे परिवार के जीवन स्तर पर पड़ता है।

गरीब परिवारों के लिए सम्मान से जुड़ी योजना
संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब कल्याण की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल बताते हुए कहा कि इसका असर सिर्फ मकान मिलने तक नहीं रहता। वर्षों तक कच्चे घर, झोपड़ी या असुरक्षित मकान में रहने वाले परिवारों के लिए पक्का घर जीवन में स्थायित्व लेकर आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।

केंद्र से बिहार को मिल रहा बड़ा सहयोग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार के ग्रामीण इलाकों के विकास में केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए 13,427 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि से गांवों में आवास निर्माण को गति मिलेगी और बड़ी संख्या में परिवारों को सरकारी सहायता के जरिए अपना घर बनाने का अवसर मिलेगा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल से ऐसी योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू करने में मदद मिल रही है।

गांवों की तस्वीर बदलने का दावा
संजय सरावगी ने कहा कि पक्के मकानों के निर्माण से गांवों की तस्वीर में भी बदलाव आ रहा है। जिन परिवारों के पास वर्षों से अपना सुरक्षित घर नहीं था, वे अब पक्के मकान में रहने की ओर बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, आवास निर्माण के साथ सड़क, बिजली, पानी, शौचालय और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया जा चुका है।

कोई गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पात्र गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए और कोई जरूरतमंद परिवार इस सुविधा से बाहर न रह जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आवास निर्माण के साथ ग्रामीण विकास की दूसरी योजनाओं को भी गति दी जाएगी। इससे गांवों में रहने वाले परिवारों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनके जीवन में स्थायी बदलाव आएगा।

विकसित बिहार के लक्ष्य से जोड़कर देखा
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार के विकास की रफ्तार बढ़ाने में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब गांवों के गरीब परिवारों के पास अपना पक्का घर होगा, बच्चों के लिए बेहतर माहौल मिलेगा और परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, तब विकास का असर ज्यादा व्यापक होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के साझा प्रयासों से गरीब कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका दावा है कि इसी दिशा में लगातार काम करते हुए बिहार को विकसित राज्य बनाने की कोशिश जारी रहेगी।

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बिहार में 11 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को मिलेगा पक्का घर, 2.35 लाख आवासों का गृह प्रवेश

By Malay Ojha | Published: 20 August 2026 at 05:48 PM

बिहार में पक्के घर का इंतजार कर रहे गरीब परिवारों के लिए बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, इस अवधि में पूरे हुए करीब 2 लाख 35 हजार आवासों का गृह प्रवेश कार्यक्रम पटना में आयोजित किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मदद से गांवों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का मौका मिल रहा है।

पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पूरे हुए 2 लाख 35 हजार मकानों के गृह प्रवेश का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाभुकों को आवास की चाबी सौंपी। इसके साथ ही नए चयनित लाभुकों को मकान निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र भी दिए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि किसी गरीब परिवार के लिए अपना पक्का घर केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा सपना होता है।

बिहार के लिए 11.18 लाख घरों का लक्ष्य
संजय सरावगी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के ग्रामीण इलाकों के लिए 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 13,427 करोड़ रुपये की सहायता दिए जाने की बात कही गई है। इससे गांवों में रहने वाले बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की राज्यवार प्रगति को लेकर केंद्र सरकार भी लगातार आंकड़े जारी करती रही है।

घर के साथ दूसरी सुविधाओं पर भी जोर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल मकान बनाकर देने तक सीमित नहीं है। पक्का घर मिलने के बाद गरीब परिवारों को शौचालय, बिजली, पानी और रसोई गैस जैसी जरूरी सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जब परिवार को रहने के लिए सुरक्षित घर मिलता है और साथ में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं, तो उसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा और पूरे परिवार के जीवन स्तर पर पड़ता है।

गरीब परिवारों के लिए सम्मान से जुड़ी योजना
संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब कल्याण की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल बताते हुए कहा कि इसका असर सिर्फ मकान मिलने तक नहीं रहता। वर्षों तक कच्चे घर, झोपड़ी या असुरक्षित मकान में रहने वाले परिवारों के लिए पक्का घर जीवन में स्थायित्व लेकर आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।

केंद्र से बिहार को मिल रहा बड़ा सहयोग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार के ग्रामीण इलाकों के विकास में केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए 13,427 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि से गांवों में आवास निर्माण को गति मिलेगी और बड़ी संख्या में परिवारों को सरकारी सहायता के जरिए अपना घर बनाने का अवसर मिलेगा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल से ऐसी योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू करने में मदद मिल रही है।

गांवों की तस्वीर बदलने का दावा
संजय सरावगी ने कहा कि पक्के मकानों के निर्माण से गांवों की तस्वीर में भी बदलाव आ रहा है। जिन परिवारों के पास वर्षों से अपना सुरक्षित घर नहीं था, वे अब पक्के मकान में रहने की ओर बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, आवास निर्माण के साथ सड़क, बिजली, पानी, शौचालय और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया जा चुका है।

कोई गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पात्र गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए और कोई जरूरतमंद परिवार इस सुविधा से बाहर न रह जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आवास निर्माण के साथ ग्रामीण विकास की दूसरी योजनाओं को भी गति दी जाएगी। इससे गांवों में रहने वाले परिवारों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनके जीवन में स्थायी बदलाव आएगा।

विकसित बिहार के लक्ष्य से जोड़कर देखा
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार के विकास की रफ्तार बढ़ाने में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब गांवों के गरीब परिवारों के पास अपना पक्का घर होगा, बच्चों के लिए बेहतर माहौल मिलेगा और परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, तब विकास का असर ज्यादा व्यापक होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के साझा प्रयासों से गरीब कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका दावा है कि इसी दिशा में लगातार काम करते हुए बिहार को विकसित राज्य बनाने की कोशिश जारी रहेगी।

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