By Malay Ojha | Published: 20 August 2026 at 04:55 PM
बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सरकार ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मंत्री मदन सहनी ने कहा कि राज्य में शराबबंदी कानून पूरी सख्ती से लागू है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शराब की बरामदगी होने पर केवल तस्करों पर ही नहीं, बल्कि संबंधित कंपनी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री मदन सहनी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी का फैसला तत्कालीन मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सभी राजनीतिक दलों की सहमति और सहयोग से लिया था। सरकार इस फैसले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के लिए विभागीय स्तर पर अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।
शराब मिली तो कंपनी पर भी होगी कार्रवाई
मदन सहनी ने कहा कि अगर बिहार में किसी कंपनी की शराब पकड़ी जाती है तो मामले को केवल शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। संबंधित कंपनी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि शराब की अवैध आपूर्ति की पूरी कड़ी को तोड़ने के लिए तस्करी से जुड़े हर स्तर पर कार्रवाई जरूरी है।
जनसुनवाई में पहुंची आम लोगों की शिकायतें
इससे पहले पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राज्य के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें मंत्रियों के सामने रखीं। मंत्री मदन सहनी और डॉ. श्वेता गुप्ता ने फरियादियों की बातें सुनीं और उनके आवेदन लिए।
अधिकारियों को जल्द समाधान का निर्देश
जनसुनवाई के दौरान सामने आई शिकायतों पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि लोगों की समस्याओं की जांच कर उनका नियमानुसार जल्द समाधान किया जाए। पार्टी स्तर पर होने वाली ऐसी जनसुनवाई का उद्देश्य सरकार और आम लोगों के बीच सीधा संवाद कायम करना है।
महिलाओं और गरीब परिवारों का भी किया जिक्र
मदन सहनी ने शराबबंदी के असर का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा फायदा गरीब, मजदूर और महिलाओं को मिला है। उनके मुताबिक शराब की वजह से कई परिवारों को आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। शराबबंदी लागू होने के बाद ऐसे परिवारों की स्थिति में बदलाव आया है।
सरकार ने नीति जारी रखने के संकेत दिए
मंत्री के बयान से यह साफ है कि बिहार सरकार शराबबंदी की मौजूदा नीति को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। सरकार की ओर से इसे सख्ती से लागू करने की बात लगातार कही जाती रही है। अब कंपनियों तक कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की बात सामने आने के बाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों पर निगरानी और कार्रवाई और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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