By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 23 May 2026 at 12:10 PM
विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद समाज के आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के भदोही में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज पूरी तरह जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आंदोलन करेगा।
मुकेश सहनी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रात्रि विश्राम कर समाज के लोगों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और 44 डिग्री तापमान के बावजूद लोगों की भारी मौजूदगी यह साबित करती है कि निषाद समाज अब अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
25 जुलाई से निकलेगी आरक्षण संकल्प यात्रा
वीआईपी प्रमुख ने घोषणा की कि 25 जुलाई से बिहार और उत्तर प्रदेश में “आरक्षण संकल्प यात्रा” निकाली जाएगी। इस दौरान समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण मिलना चाहिए।
भाजपा को वोट नहीं देने की चेतावनी
मुकेश सहनी ने साफ कहा कि अगर भाजपा सरकार निषाद समाज को आरक्षण नहीं देती है तो 2027 के चुनाव में समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। उन्होंने कहा कि समाज अब अपने राजनीतिक अधिकारों को लेकर समझौता नहीं करेगा।
डॉ. संजय निषाद पर भी साधा निशाना
उन्होंने संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने निषाद समाज को आरक्षण का सपना दिखाया था, लेकिन सत्ता में रहने के बावजूद समाज को उसका अधिकार नहीं दिला सके। मुकेश सहनी ने कहा कि ऐसा लगता है कि समाज के मुद्दों पर समझौता कर लिया गया है।
छह महीने का दिया अल्टीमेटम
मुकेश सहनी ने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद वास्तव में समाज के हितैषी हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निषाद समाज को आरक्षण दिलाने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने छह महीने का समय देते हुए कहा कि यदि आरक्षण नहीं मिला तो मंत्री पद छोड़कर समाज की लड़ाई में उतरना चाहिए।
‘आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं’
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का साफ नारा है — “आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं, गठबंधन नहीं तो वोट नहीं।” उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा और समाज की आवाज लखनऊ से लेकर देश की सत्ता तक पहुंचाई जाएगी।
‘लोडर नहीं, अब लीडर के साथ जाएगा समाज’
प्रेस वार्ता के दौरान मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब किसी “लोडर” के पीछे नहीं चलेगा, बल्कि अपने “लीडर” के साथ खड़ा होगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में समाज अपने राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई और मजबूती से लड़ेगा।

