Sunday, May 31, 2026

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पटना में बिजली सप्लाई होगी और मजबूत! बीएसपीटीसीएल ने 320 मेगावाट क्षमता वाली नई ट्रांसमिशन लाइन की शुरू

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 23 May 2026 at 12:01 PM

बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने राजधानी में बिजली आपूर्ति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने शुक्रवार को 132 केवी खगौल-दीघा डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन को सफलतापूर्वक चालू कर दिया। यह लाइन पश्चिम पटना क्षेत्र में बिजली सप्लाई की विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

करीब 17.624 किलोमीटर लंबी इस ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण आधुनिक मोनोपोल संरचनाओं पर किया गया है। परियोजना में पहले से मौजूद 41 लैटिस टावरों के साथ 51 नए मोनोपोल लगाए गए हैं। यह लाइन एम्स-दीघा-पाटलिपथ मार्ग के पश्चिमी हिस्से से होकर गुजरती है।

नई तकनीक से दोगुनी हुई बिजली क्षमता
इस परियोजना में हाई टेम्परेचर लो सैग यानी एचटीएलएस कंडक्टर का इस्तेमाल किया गया है। नई तकनीक की वजह से बिजली वहन क्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां इस हिस्से में कुल 150 मेगावाट बिजली आपूर्ति की क्षमता थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 320 मेगावाट कर दिया गया है।

बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मिलेगी मदद
बीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि नई ट्रांसमिशन लाइन पश्चिम पटना क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाएगी। साथ ही आने वाले समय में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी यह परियोजना मददगार साबित होगी।

तकनीकी चुनौतियों के बीच पूरा हुआ काम
उन्होंने परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए अभियंताओं और कर्मचारियों की सराहना की। खासतौर पर राइट ऑफ वे यानी आरओडब्ल्यू से जुड़ी समस्याओं और तकनीकी चुनौतियों का सफल समाधान करने को उन्होंने कंपनी की बड़ी उपलब्धि बताया।

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पटना में बिजली सप्लाई होगी और मजबूत! बीएसपीटीसीएल ने 320 मेगावाट क्षमता वाली नई ट्रांसमिशन लाइन की शुरू

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 23 May 2026 at 12:01 PM

बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने राजधानी में बिजली आपूर्ति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने शुक्रवार को 132 केवी खगौल-दीघा डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन को सफलतापूर्वक चालू कर दिया। यह लाइन पश्चिम पटना क्षेत्र में बिजली सप्लाई की विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

करीब 17.624 किलोमीटर लंबी इस ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण आधुनिक मोनोपोल संरचनाओं पर किया गया है। परियोजना में पहले से मौजूद 41 लैटिस टावरों के साथ 51 नए मोनोपोल लगाए गए हैं। यह लाइन एम्स-दीघा-पाटलिपथ मार्ग के पश्चिमी हिस्से से होकर गुजरती है।

नई तकनीक से दोगुनी हुई बिजली क्षमता
इस परियोजना में हाई टेम्परेचर लो सैग यानी एचटीएलएस कंडक्टर का इस्तेमाल किया गया है। नई तकनीक की वजह से बिजली वहन क्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां इस हिस्से में कुल 150 मेगावाट बिजली आपूर्ति की क्षमता थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 320 मेगावाट कर दिया गया है।

बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मिलेगी मदद
बीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि नई ट्रांसमिशन लाइन पश्चिम पटना क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाएगी। साथ ही आने वाले समय में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी यह परियोजना मददगार साबित होगी।

तकनीकी चुनौतियों के बीच पूरा हुआ काम
उन्होंने परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए अभियंताओं और कर्मचारियों की सराहना की। खासतौर पर राइट ऑफ वे यानी आरओडब्ल्यू से जुड़ी समस्याओं और तकनीकी चुनौतियों का सफल समाधान करने को उन्होंने कंपनी की बड़ी उपलब्धि बताया।

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