Sunday, May 31, 2026

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सिर्फ मिनटों में मरीज पहुंच रहे बड़े अस्पताल, ‘आयु सेवा’ की एयर एम्बुलेंस सेवा बनी जिंदगी बचाने का सहारा

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 09 May 2026 at 11:23 PM

देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत के बीच “आयु सेवा एयर एंड ट्रेन एम्बुलेंस” गंभीर मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। एयर, रेल और सड़क मार्ग के जरिए मरीजों को सुरक्षित और त्वरित चिकित्सा परिवहन उपलब्ध कराने वाली यह संस्था अब देशभर में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रही है।

सुबासमन प्राइवेट लिमिटेड की इकाई के रूप में वर्ष 2016 में शुरू हुई इस सेवा का मुख्य उद्देश्य गंभीर मरीजों तक समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा पहुंचाना था। आज कई ऐसे मरीज, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर ले जाना जरूरी होता है, इस सेवा के जरिए सुरक्षित तरीके से बड़े अस्पतालों तक पहुंच पा रहे हैं।

बेड टू बेड ट्रांसफर सिस्टम बना बड़ी ताकत
संस्था की सबसे खास सुविधा “बेड टू बेड ट्रांसफर सिस्टम” मानी जा रही है। इसके तहत मरीज को घर, स्थानीय अस्पताल या दुर्घटना स्थल से सीधे गंतव्य अस्पताल तक लगातार मेडिकल निगरानी में पहुंचाया जाता है। इस दौरान मरीज की हालत पर विशेषज्ञ टीम लगातार नजर रखती है।

आधुनिक आईसीयू सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस
आयु सेवा की आईसीयू एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित हैं। इनमें वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, इन्फ्यूजन पंप समेत कई जरूरी मेडिकल सुविधाएं मौजूद रहती हैं। साथ ही प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हर आपात स्थिति में मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

गंभीर मरीजों के ट्रांसफर में विशेष विशेषज्ञता
संस्था ने कार्डियक इमरजेंसी, सड़क हादसे, नवजात शिशु ट्रांसफर और अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में विशेष विशेषज्ञता हासिल की है। शुरुआत में किफायती विकल्प के रूप में रेल एम्बुलेंस सेवा शुरू करने वाली यह संस्था अब एयर एम्बुलेंस सेवा के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रही है।

देश के 108 शहरों तक पहुंची सेवा
आंकड़ों के मुताबिक संस्था वर्तमान में देश के 108 प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है। अब तक 47 हजार से ज्यादा गंभीर मरीजों को सफलतापूर्वक एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा चुका है। यह उपलब्धि देश में विकसित हो रहे आपातकालीन चिकित्सा नेटवर्क की मजबूत तस्वीर पेश करती है।

तकनीक के जरिए और मजबूत हो रही व्यवस्था
संस्था अब अस्पतालों के साथ साझेदारी, कॉर्पोरेट स्वास्थ्य सहयोग और तकनीक आधारित इमरजेंसी सिस्टम को और मजबूत करने में जुटी है। मोबाइल एप्लीकेशन, आईओटी तकनीक और केंद्रीकृत कमांड सेंटर के जरिए सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बनाने पर काम किया जा रहा है।

हर मरीज तक समय पर मदद पहुंचाने का लक्ष्य
संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मरीजों को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत आपातकालीन स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार करना है, जहां किसी भी मरीज को इलाज के लिए परिवहन की कमी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य सेवाओं में नई उम्मीद बन रही पहल
आज के समय में जब गंभीर मरीजों के लिए हर मिनट बेहद अहम होता है, तब आयु सेवा की यह पहल देश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती देती नजर आ रही है। आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के सहारे यह संस्था हजारों परिवारों के लिए उम्मीद का नया सहारा बन चुकी है।

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सिर्फ मिनटों में मरीज पहुंच रहे बड़े अस्पताल, ‘आयु सेवा’ की एयर एम्बुलेंस सेवा बनी जिंदगी बचाने का सहारा

By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 09 May 2026 at 11:23 PM

देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत के बीच “आयु सेवा एयर एंड ट्रेन एम्बुलेंस” गंभीर मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। एयर, रेल और सड़क मार्ग के जरिए मरीजों को सुरक्षित और त्वरित चिकित्सा परिवहन उपलब्ध कराने वाली यह संस्था अब देशभर में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रही है।

सुबासमन प्राइवेट लिमिटेड की इकाई के रूप में वर्ष 2016 में शुरू हुई इस सेवा का मुख्य उद्देश्य गंभीर मरीजों तक समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा पहुंचाना था। आज कई ऐसे मरीज, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर ले जाना जरूरी होता है, इस सेवा के जरिए सुरक्षित तरीके से बड़े अस्पतालों तक पहुंच पा रहे हैं।

बेड टू बेड ट्रांसफर सिस्टम बना बड़ी ताकत
संस्था की सबसे खास सुविधा “बेड टू बेड ट्रांसफर सिस्टम” मानी जा रही है। इसके तहत मरीज को घर, स्थानीय अस्पताल या दुर्घटना स्थल से सीधे गंतव्य अस्पताल तक लगातार मेडिकल निगरानी में पहुंचाया जाता है। इस दौरान मरीज की हालत पर विशेषज्ञ टीम लगातार नजर रखती है।

आधुनिक आईसीयू सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस
आयु सेवा की आईसीयू एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित हैं। इनमें वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, इन्फ्यूजन पंप समेत कई जरूरी मेडिकल सुविधाएं मौजूद रहती हैं। साथ ही प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हर आपात स्थिति में मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

गंभीर मरीजों के ट्रांसफर में विशेष विशेषज्ञता
संस्था ने कार्डियक इमरजेंसी, सड़क हादसे, नवजात शिशु ट्रांसफर और अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में विशेष विशेषज्ञता हासिल की है। शुरुआत में किफायती विकल्प के रूप में रेल एम्बुलेंस सेवा शुरू करने वाली यह संस्था अब एयर एम्बुलेंस सेवा के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रही है।

देश के 108 शहरों तक पहुंची सेवा
आंकड़ों के मुताबिक संस्था वर्तमान में देश के 108 प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है। अब तक 47 हजार से ज्यादा गंभीर मरीजों को सफलतापूर्वक एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा चुका है। यह उपलब्धि देश में विकसित हो रहे आपातकालीन चिकित्सा नेटवर्क की मजबूत तस्वीर पेश करती है।

तकनीक के जरिए और मजबूत हो रही व्यवस्था
संस्था अब अस्पतालों के साथ साझेदारी, कॉर्पोरेट स्वास्थ्य सहयोग और तकनीक आधारित इमरजेंसी सिस्टम को और मजबूत करने में जुटी है। मोबाइल एप्लीकेशन, आईओटी तकनीक और केंद्रीकृत कमांड सेंटर के जरिए सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बनाने पर काम किया जा रहा है।

हर मरीज तक समय पर मदद पहुंचाने का लक्ष्य
संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मरीजों को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत आपातकालीन स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार करना है, जहां किसी भी मरीज को इलाज के लिए परिवहन की कमी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य सेवाओं में नई उम्मीद बन रही पहल
आज के समय में जब गंभीर मरीजों के लिए हर मिनट बेहद अहम होता है, तब आयु सेवा की यह पहल देश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती देती नजर आ रही है। आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के सहारे यह संस्था हजारों परिवारों के लिए उम्मीद का नया सहारा बन चुकी है।

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