By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 19 May 2026 at 04:43 PM
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द ही अपने करोड़ों सदस्यों को बड़ी डिजिटल सुविधा देने जा रहा है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने जानकारी दी है कि अब ईपीएफओ सदस्य यूपीआई के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में पीएफ की रकम निकाल सकेंगे।
मंत्री ने बताया कि इस नई सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। इसके तहत सदस्य अपने पात्र पीएफ बैलेंस को यूपीआई पेमेंट गेटवे के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे। इसके लिए लिंक किए गए यूपीआई पिन का इस्तेमाल करना होगा।
क्लेम प्रक्रिया होगी पहले से ज्यादा आसान
अभी पीएफ निकालने के लिए सदस्यों को क्लेम आवेदन देना पड़ता है, जिसमें कई दिन लग जाते हैं। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी और पैसा कम समय में खाते में पहुंच सकेगा।
पीएफ बैलेंस का एक हिस्सा रहेगा सुरक्षित
श्रम मंत्रालय एक ऐसे सिस्टम पर काम कर रहा है, जिसमें पीएफ राशि का एक हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि पात्र रकम को सदस्य यूपीआई के जरिए निकाल सकेंगे। बैंक खाते में पैसा पहुंचने के बाद सदस्य उसका इस्तेमाल डिजिटल भुगतान या नकद निकासी के लिए कर सकेंगे।
ऑटो क्लेम सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख
ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट सुविधा की सीमा को भी बढ़ा दिया है। अब बीमारी, पढ़ाई, शादी या घर निर्माण जैसी जरूरतों के लिए पांच लाख रुपये तक का क्लेम बिना मानवीय हस्तक्षेप के तीन दिन के भीतर निपटाया जाएगा।
व्हाट्सऐप पर भी मिलेगी ईपीएफओ सेवा
ईपीएफओ अब व्हाट्सऐप आधारित सुविधा भी शुरू करने जा रहा है। सदस्य ईपीएफओ के आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर पर केवल ‘हैलो’ लिखकर बातचीत शुरू कर सकेंगे।
क्षेत्रीय भाषा में मिलेगी मदद
नई सेवा में सदस्यों को उनकी स्थानीय भाषा में सहायता दी जाएगी। इसके जरिए पीएफ बैलेंस, हाल के लेन-देन, क्लेम स्टेटस और अन्य जरूरी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। यह सुविधा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी।
आधार और बैंक खाते से जुड़ी समस्याओं का होगा समाधान
ईपीएफओ उन सदस्यों को भी विशेष सहायता देगा, जिनके आधार प्रमाणीकरण या बैंक खाते से जुड़ी समस्याएं लंबित हैं। व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म के जरिए ऐसी दिक्कतों को दूर करने में मदद की जाएगी।
लंबित मामलों को कम करने पर भी फोकस
मंत्री ने बताया कि ईपीएफओ ने अदालतों और न्यायाधिकरणों में लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके चलते पिछले दो वर्षों में हजारों मामलों का निपटारा किया गया है और पुराने विवादों में भी बड़ी कमी आई है।
दस साल पुराने मामलों में भी आई कमी
ईपीएफओ के मुताबिक 10 साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों की संख्या में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। संगठन अब मिशन मोड में पुराने विवादों को खत्म करने और सदस्यों को तेज सेवा देने पर काम कर रहा है।

